सागर / भोपाल
मध्य प्रदेश के सागर जिले में हाल ही में हुए दर्दनाक जहरीली शराब कांड (Sagar Hooch Tragedy) में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 20 हजार रुपये के इनामी और मुख्य साजिशकर्ता रवि लखेरा को पुलिस ने एक मुठभेड़ (Short Encounter) के बाद गिरफ्तार कर लिया है। बरायठा थाना क्षेत्र के हनुमान टोंग (जंगल क्षेत्र) में भागने की कोशिश के दौरान पुलिस की गोली पैर में लगने से वह घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हनुमान टोंग में मुठभेड़ और गिरफ्तारी
पुलिस को सूचना मिली थी कि अंतरराज्यीय शराब तस्कर रवि लखेरा उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे जंगलों में छिपा हुआ है।
- सर्च ऑपरेशन: वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में गठित लगभग 100 पुलिसकर्मियों की टीम ने क्षेत्र की घेराबंदी की।
- जवाबी कार्रवाई: खुद को घिरा देख जब आरोपी ने फरार होने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उस पर फायरिंग की, जिससे गोली उसके पैर में लगी।
- इलाज जारी: घायल अवस्था में उसे बंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
'अपराधियों के घर पर चलेगा बुलडोजर' — मुख्यमंत्री मोहन यादव
घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि इस कांड के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
"सागर में मुख्य आरोपी का एनकाउंटर हुआ है। सरकार ऐसे अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त है। आरोपियों के अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई है और आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।"
मामले से जुड़े मुख्य बिंदु
National Herald
- ललितपुर-सागर नेटवर्क: मूल रूप से यूपी के महोबा का निवासी और ललितपुर की गंगापुरम कॉलोनी में रहने वाला रवि लखेरा अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध व नकली शराब का सिंडिकेट चला रहा था। उसी के नेटवर्क के जरिए ललितपुर से सागर में जहरीली शराब की आपूर्ति की गई थी।
- आपराधिक पृष्ठभूमि: रवि लखेरा पर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य स्थानों पर आबकारी अधिनियम और अवैध शराब बनाने के 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- अब तक की कार्रवाई: मामले में पुलिस ने नामजद 30 से अधिक आरोपियों में से 18 को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही आरोपी ठेकेदारों और सहयोगियों के अवैध मकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चलाया गया है।
- जांच एवं राहत: मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच (Judicial Probe) के आदेश जारी किए हैं और लापरवाही बरतने वाले स्थानीय आबकारी व पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।





