भोपाल/इंदौर। मध्य प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में पीढ़ियों से अपने घरों और आबादी भूमि पर काबिज लोगों के लिए 17 सितंबर का दिन एक ऐतिहासिक सौगात लेकर आया है। राज्य सरकार 'स्वामित्व योजना' के तहत लगभग 50 लाख निजी संपत्तियों की निःशुल्क (फ्री) कानूनी रजिस्ट्री कराने का महाअभियान शुरू कर रही है। इस जनकल्याणकारी योजना का औपचारिक शुभारंभ इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की गरिमामयी उपस्थिति में होगा।
अब तक ग्रामीण परिवारों के पास केवल 'प्रॉपर्टी कार्ड' (अधिकार अभिलेख) होता था, जो केवल सरकारी सर्वे में नाम दर्ज होने का प्रमाण था। लेकिन इस पहल के बाद उन्हें पंजीकृत लीगल डॉक्युमेंट (रजिस्ट्री) दिया जाएगा, जिससे संपत्ति पर कानूनी रूप से उनका मालिकाना हक पूरी तरह पक्का हो जाएगा।
योजना की प्रमुख विशेषताएं और लाभ
- शून्य खर्च पर रजिस्ट्री: योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को किसी भी प्रकार की स्टांप ड्यूटी या पंजीयन शुल्क (रजिस्ट्रेशन फीस) नहीं देना होगा। पूरा वित्तीय भार राज्य सरकार उठाएगी।
- द्वार पर सेवा (नो तहसील चक्कर): ग्रामीणों को रजिस्ट्रार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर डीड तैयार की जाएगी।
- डिजिटल और भौतिक कॉपी: पक्की रजिस्ट्री के साथ-साथ हितग्राहियों को उनके कानूनी दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी भी प्रदान की जाएगी।
- पूर्व स्वीकृत रिकॉर्ड का ही पंजीकरण: यह सुविधा केवल उन 48.32 लाख निजी संपत्ति धारकों को मिलेगी जिनका नाम पूर्व में 'स्वामित्व योजना' के ड्रोन सर्वे में स्वीकृत हो चुका है। फिलहाल कोई नया आवेदन नहीं लिया जा रहा है।
पटवारियों का विरोध और सरकार का रुख योजना के क्रियान्वयन को लेकर पटवारी संघ ने भविष्य में संभावित सीमा विवादों या मैपिंग त्रुटियों की कानूनी जवाबदेही को लेकर चिंता जताई थी। पटवारियों का तर्क था कि 'रजिस्ट्रीकर्ता' के रूप में नामांकन के लिए उनके पास पर्याप्त न्यायिक शक्तियां नहीं हैं।
हालांकि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक के दौरान स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित हो रही है, इसलिए पटवारियों को किसी भी कानूनी कार्रवाई से डरने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि वे संवाद कायम कर पटवारियों की आशंकाओं का समाधान करें ताकि योजना का क्रियान्वयन निर्बाध रूप से हो सके।





