प्रयागराज।फिल्मी दुनिया छोड़कर अध्यात्म की राह पकड़ने वालीं ममता कुलकर्णी(श्रीयामाई ममतानंद गिरि)ने सोमवार को किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा दे दिया है।इस बात की घोषणा ममता ने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर की है। ममता ने कहा कि वह साध्वी थीं और रहेंगी।मुझे महामंडलेश्वर की पदवी देने पर कुछ लोगों को आपत्ति हो गई।इस विवाद के चलते वह अपने पद से इस्तीफा दे रही हैं।मैं पिछले 25 साल से साध्वी थी और मैं आगे भी साध्वी ही रहूंगी।बता दें कि किन्नर अखाड़ा में 24 जनवरी को ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक हुआ था।अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने उन्हें नया नाम श्रीयामाई ममतानंद गिरि दिया था।
ममता कुलकर्णी ने कहा कि महामंडलेश्वर बनाकर मुझे जो सम्मान दिया गया था उसको लेकर अखाड़े में विवाद शुरू हो गया था। मुझे बॉलीवुड को छोड़े 25 साल हो गए हैं। ममता ने कहा कि मेकअप और बॉलीवुड को छोड़ना आसान नहीं है। मैंने देखा कि मेरे महामंडलेश्वर बनाए जाने से काफी लोगों को दिक्कत हो गई,मेरे जो गुरु हैं जिनके सानिध्य में मैंने घोर तपस्या की,उनके बराबर तो मुझे कोई दिखता नहीं है,मुझे किसी कैलाश या मनसरोवर जाने की जरूरत नहीं है।जिन लोगों को मुझसे आपत्ति है, उनके बारे में मैं कम बोलूं तो बेहतर होगा।
ममता कुलकर्णी ने कहा कि महामंडलेश्वर के रूप में मुझे जो सम्मान मिला,वह 25 साल तक तैराकी सीखने और फिर बच्चों को इसे सिखाने जैसा था,लेकिन महामंडलेश्वर के रूप में मेरी नियुक्ति के बाद जो आक्रोश हुआ, वह अनावश्यक था। ममता ने कहा कि मैंने 25 साल पहले बॉलीवुड छोड़ दिया और फिर मैं गायब हो गई और हर चीज से दूर हो गई। मैं जो कुछ भी करती हूं, उस पर लोगों की बहुत अधिक प्रतिक्रियाएं होती हैं।
बता दें कि सोशल मीडिया पर कुछ दिनों से जारी विवाद के बाद ममता कुलकर्णी ने यह इस्तीफा दिया है।ममता ने कुछ दिनों पहले इस पद से निष्कासित कर दिया गया था। ममता के साथ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को भी आचार्य महामंडलेश्वर के पद से हटा दिया गया था।ये कार्रवाई किन्नर अखाड़े के संस्थापक अजय दास ने की थी।इस बात को लेकर भी मतभेद हैं।महामंडलेश्वर पद से हटाए जाने पर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने कहा कि अजय दास मुझे अखाड़े से निकालने वाले कौन होते हैं, उन्हें तो 2017 में ही अखाड़े से निकाल दिया गया था।
बताते चलें कि बीते दिनों ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने पर किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को भी पदमुक्त कर दिया था। ऋषि अजय दास ने कहा था कि अब नए सिरे से अखाड़े का पुनर्गठन किया जाएगा और जल्द ही नए आचार्य महामंडलेश्वर के नाम का एलान होगा।





