दिल्ली के साउथ एवेन्यू में एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान राजनीति का पारा उस वक्त अचानक चढ़ गया, जब दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया।
मुख्य घटनाक्रम:
- हिरासत में लिए गए प्रमुख टीएमसी नेता: ममता बनर्जी के साथ डेरेक ओ ब्रायन, डोला सेन, प्रतिमा मंडल और समीरुल इस्लाम को पुलिस ने प्रिजन वैन में बैठाकर थाने पहुंचाया।
- आप (AAP) के नेता भी डिटेन: अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को भी हिरासत में लिया गया।
- टीएमसी का तीखा विरोध: पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस कार्रवाई को 'लोकतंत्र के लिए एक काला दिन' करार दिया है।
- सरकार पर सीधा हमला: टीएमसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा कि 'मो-शाह की जोड़ी' भले ही अपनी हदें पार कर ले, लेकिन कोई भी
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सत्ता और सरकार जवाबदेही से परे नहीं है तथा कोई भी हुकूमत हमेशा के लिए नहीं रहती।
इस पूरी कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है कि क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना देश में अब अपराध बन गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन है, जबकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा और कानून व्यवस्था का हवाला दिया जा रहा है।
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