जालना/मुंबई डेस्क
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल ने एक बार फिर महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को अंतरवाली सराटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जरांगे पाटिल ने घोषणा की कि वह 15 सितंबर को मुंबई के लिए रवाना होंगे और 19 सितंबर से मुंबई के ऐतिहासिक आजाद मैदान में आमरण अनशन शुरू करेंगे।
गणेशोत्सव के दौरान भी जारी रहेगा आंदोलन
मनोज जरांगे पाटिल ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के नाम पर मराठा समाज को आंदोलन करने से नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव की शुरुआत ही अन्याय के खिलाफ सामाजिक एकजुटता के लिए हुई थी। पिछले वर्ष भी गणेशोत्सव के दौरान शांतिपूर्ण आंदोलन हुआ था और इस बार भी आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और अहिंसक रहेगा।
- अंतिम चेतावनी: सरकार को मांगों पर निर्णय लेने के लिए 8 दिनों का समय दिया गया है।
- प्रमुख मांगें: हैदराबाद गजट को लागू करना, 58 लाख कुणबी रिकॉर्ड्स/नोंदणी के आधार पर मराठवाड़ा के मराठों को तत्काल कुणबी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सख्त GR जारी करना।
- MPSC अभ्यर्थियों का समर्थन: जरांगे ने MPSC की तैयारी कर रहे गरीब किसानों के बच्चों को तुरंत न्याय देने की मांग उठाई।
शिंदे-फडणवीस पर सा निशाना, गोली मारने की जताई आशंका
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जरांगे पाटिल भावुक नजर आए। उन्होंने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि 'वर्षा' बंगले पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है।
"मुंबई जाते समय रास्ते में मुझे गोली मारने की साजिश हो सकती है। त्योहार के दौरान SRPF की तैनाती करके बल प्रयोग की योजना बनाई जा रही है। अगर मुझे रास्ते में कुछ होता है, तो मराठा समाज इस आंदोलन को आगे बढ़ाए। समाज के लिए यह मेरी आखिरी लड़ाई है।" — मनोज जरांगे पाटिल
सियासी नेताओं पर हमले और अमृता फडणवीस पर नरम रुख
जरांगे पाटिल ने मंत्री उदय सामंत और चंद्रशेखर बावनकुले पर आंदोलनकारियों को परेशान करने का आरोप लगाया। हालांकि, देवेंद्र फडणवीस को लेकर रुख में नरमी दिखाते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार 58 लाख कुणबी रिकॉर्ड्स को लागू करती है, तो उनके और फडणवीस के संबंध सुधर सकते हैं।
इसके अलावा, अमृता फडणवीस का जिक्र करते हुए जरांगे ने कहा कि उन्होंने उन्हें भोजन पर आमंत्रित किया है और वह भाई दूज पर उनके घर जाएंगे। उन्होंने कहा कि अमृता फडणवीस की भाषा संस्कारी है और वह उनका सम्मान करते हैं।





