लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को लखनऊ में एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने स्वास्थ्य, पार्टी संगठन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। अपने स्वास्थ्य को लेकर उड़ रही खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनके खिलाफ भ्रामक अफवाहें फैलाई जा रही हैं।

आकाश आनंद और स्वास्थ्य संबंधी अफवाहों पर बड़ा खुलासा

पार्टी से निष्कासित भतीजे आकाश आनंद पर हमला बोलते हुए मायावती ने कहा कि उनके निष्कासन के बाद उनकी बीमारी को लेकर झूठी खबरें फैलाई गईं। मायावती के अनुसार, "मेरी सुरक्षा में तैनात अधिकारी आलोक कुमार के पास आकाश आनंद का फोन आया था, जिसमें उन्होंने मेरी तबीयत का हाल पूछा और इसे गुप्त रखने को कहा।"

मायावती ने आरोप लगाया कि आकाश आनंद अभी भी अपने ससुर सिद्धार्थ के प्रभाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "संभव है कि उनकी नीयत सही हो, लेकिन वे दूसरों के इशारे पर चल रहे हैं। देश भर के कार्यकर्ताओं और मीडिया को ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।"

संगठन में बड़ा फेरबदल: सेक्टर प्रभारी का पद समाप्त

पार्टी के जनाधार को युद्ध स्तर पर बढ़ाने के लिए मायावती ने संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलावों की घोषणा की:

  • नया क्षेत्रीय ढांचा: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को मिलाकर एक विशेष सेक्टर बनाया गया है, जबकि शेष देश को दो अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है।
  • पद समाप्त: 'सेक्टर प्रभारी' के पद को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
  • केंद्रीय निगरानी: पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आनंद कुमार दिल्ली से संगठनात्मक गतिविधियों की कमान संभालेंगे और प्रगति रिपोर्ट सीधे सुप्रीमो को सौंपेंगे।

पंचायत सहायकों का समर्थन

लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे पंचायत सहायकों के मुद्दे पर मायावती ने राज्य सरकार से उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और उनका मानदेय बढ़ाने की अपील की।

BRICS सम्मेलन और वैश्विक कूटनीति पर रुख

दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन की सराहना करते हुए उन्होंने इसे "उम्मीद जगाने वाला कदम" करार दिया। मायावती ने कहा कि सम्मेलन में सर्वसम्मति बनना भारत की बेहतरीन कूटनीति का प्रमाण है। उन्होंने BRICS करेंसी की पहल, फलस्तीन-पहलगाम चर्चा और भारत-चीन सीमा विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में हो रहे प्रयासों को सकारात्मक बताया।