नयी दिल्ली: आगामी रबी विपणन सीजन 2026-27 की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 13 सितंबर को एक राष्ट्रव्यापी वर्चुअल सम्मेलन की अध्यक्षता की। इस उच्च स्तरीय बैठक में देश भर के कृषि अनुसंधान संस्थानों, कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के प्रतिनिधियों, कृषि वैज्ञानिकों और झांसी से जुड़े बुंदेलखंड के करीब 100 किसानों ने भाग लिया। भारतीय चारा एवं चारागाह अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक भी इस मंथन का हिस्सा रहे।
लागत घटाना और पैदावार बढ़ाना मुख्य प्राथमिकता
बैठक का प्राथमिक उद्देश्य रबी फसलों की बुवाई से पहले खेती की लागत घटाने, पैदावार में वृद्धि करने और समय पर वैज्ञानिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की रणनीति बनाना था।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रबी सीजन की तैयारी केवल कागजी या सरकारी स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसमें किसानों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा:
"हमारा लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि फसल की गुणवत्ता में सुधार लाना और खेती की लागत को कम करना है। वैज्ञानिक ज्ञान और तकनीकी जानकारी समय पर सीधे किसान के खेत तक पहुँचनी चाहिए।"
प्रमुख रबी फसलें और बुंदेलखंड का प्रतिनिधित्व
- रबी चक्र: देश में रबी सीजन अक्टूबर-नवंबर से शुरू होकर मार्च-अप्रैल तक चलता है, जिसमें गेहूं, चना, सरसों, मटर और जौ जैसी प्रमुख फसलें बोई जाती हैं।
- सूखा प्रभावित क्षेत्रों की आवाज: सूखे और सीमित सिंचाई साधनों की चुनौती से जूझने वाले बुंदेलखंड (झांसी) के किसानों को सीधे जोड़ने का मकसद यही था कि नीति निर्माण में जमीनी समस्याओं को शामिल किया जा सके।
- विशाल उत्पादन पृष्ठभूमि: बीते सीजन में देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 3765.63 लाख टन दर्ज किया गया था। सरकार रबी 2026-27 में भी इसी रफ्तार को बनाए रखना चाहती है।
केवीके (KVK) नेटवर्क और मिट्टी परीक्षण पर जोर
- सशक्त नेटवर्क: कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) को इस पूरी रणनीति की रीढ़ बताया गया है, जो जिला स्तर पर उन्नत बीज, मौसम सलाह और मिट्टी परीक्षण की सुविधा पहुंचाते हैं।
- संतुलित उर्वरक प्रयोग: यूरिया के अंधाधुंध इस्तेमाल से होने वाले नुकसान और बढ़ती लागत को रोकने के लिए केवीके के माध्यम से मिट्टी की सेहत (सॉइल हेल्थ) के आधार पर ही खाद डालने की सलाह दी जाएगी।
28-29 सितंबर को होगी राष्ट्रीय स्तर की विस्तृत समीक्षा
कृषि मंत्रालय ने घोषणा की है कि रबी फसलों की तैयारियों को लेकर 28 और 29 सितंबर 2026 को दो दिवसीय विस्तृत राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
इस आगामी बैठक में राज्यवार बीजों की उपलब्धता, उर्वरकों (खाद) की आपूर्ति और सिंचाई की स्थिति की गहन समीक्षा की जाएगी, ताकि बुवाई शुरू होने से पहले ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा सकें।





