जयपुर / परबतसर राजस्थान में हाल ही में संपन्न हुए 309 शहरी निकायों के चुनावी नतीजों के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। डीडवाना-कुचामन जिले की परबतसर नगरपालिका चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक प्रत्याशी का प्रदर्शन पूरे प्रदेश में कौतूहल और चर्चा का कारण बन गया है। यहां वार्ड नंबर 13 से किस्मत आजमा रहे बीजेपी उम्मीदवार कैलाशचंद को चुनावी नतीजों में मात्र 1 वोट हासिल हुआ है।

10,000 से अधिक पार्षदों के पदों के लिए हुई इस विशाल मतगण्ना में जहां जीत-हार के कई समीकरण बने और बिगड़े, वहीं कैलाशचंद का यह अकेला वोट सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक छाया हुआ है।

वार्ड 13 का चुनावी गणित

राज्य चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, परबतसर के वार्ड नंबर 13 से कांग्रेस उम्मीदवार हीना खानम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 376 वोट हासिल किए और जीत दर्ज की। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशी राशिद खान 195 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। इस कड़े मुकाबले के बीच बीजेपी के चिन्ह पर चुनाव लड़े कैलाशचंद को कुल जमा 1 वोट ही मिल सका।

'खुद का वोट भी नहीं दे पाया' — प्रत्याशी ने बताई एक वोट मिलने की वजह

नतीजों के बाद जब कैलाशचंद से इस अनोखे चुनावी परिणाम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसके पीछे की असली वजह का खुलासा किया। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) से बातचीत करते हुए कैलाशचंद ने कहा:

"मैं खुद वार्ड नंबर 12 का पंजीकृत मतदाता हूँ। पार्टी (बीजेपी) ने मुझे मेरे गृह वार्ड के बजाय पास के वार्ड नंबर 13 से चुनावी मैदान में उतारा था। चूंकि मेरा नाम वार्ड 13 की मतदाता सूची में था ही नहीं, इसलिए मैं खुद को भी वोट नहीं दे सका। बाहरी प्रत्याशी होने और स्थानीय समीकरण न बैठने के कारण मुझे सिर्फ एक ही वोट मिला।"

परबतसर में कांटे की टक्कर

कुल 25 वार्डों वाली परबतसर नगरपालिका में कांग्रेस और बीजेपी के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला।

  • कांग्रेस: 13 वार्डों में जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया।
  • बीजेपी: 12 वार्डों में सिमट कर रह गई।

हालांकि, बीजेपी के लिए निकाय में बहुमत का आंकड़ा चूकने से ज्यादा चर्चा कैलाशचंद के इस single vote की हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उम्मीदवारों के चयन में जमीनी हकीकत और वार्ड समीकरणों को नजरअंदाज करना पार्टी को इस तरह की असहज स्थिति में ले आया।