कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मौजूदा केंद्र सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और प्रमुख प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों पर करारा हमला बोला है। राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे पिछले एक दशक से अधिक समय से इस व्यवस्था के खिलाफ लड़ रहे हैं और अपने विरोधियों की हर चाल से भली-भांति वाकिफ हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि सरकार चाहे जितनी पुलिस तैनात कर ले और नेताओं या युवाओं को गिरफ्तार कर ले, लेकिन विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है।
राहुल गांधी के मुख्य बयान और बिंदु
- गिरफ्तारी और पुलिस बल की तैनाती पर चुनौती: राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा, "जो करना है, कर लीजिए। जितनी पुलिस बुलानी है, बुला लीजिए- 10 हजार, 20 हजार, 50 हजार... सारे नेताओं और युवाओं को गिरफ्तार कर लीजिए, लेकिन घबराइये मत, हम आपको चारों तरफ से घेर रहे हैं।"
- शीर्ष नेतृत्व और संस्थाओं पर निशाना: राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का जिक्र करते हुए कहा कि धीरे-धीरे इन सभी का दायरा सिमटता जा रहा है।
- संविधान और जनता की आवाज की रक्षा: उन्होंने देश के युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि विपक्ष संविधान की रक्षा और आम जनता की आवाज की हिफाजत के लिए पूरी ताकत से खड़ा रहेगा।
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प्रियंका गांधी का कड़ा प्रहार
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी सरकार और प्रशासनिक मशीनरी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा सांसदों और प्रदर्शनकारियों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लेना, राजधानी में जगह-जगह बैरिकेडिंग करना, इंटरनेट बंद करना और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करना इस बात का सबूत है कि सरकार सच्चाई सामने आने से डर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं, बल्कि पूरी तरह से तानाशाही है।
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