रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए एक तात्कालिक सीजफायर (युद्धविराम) का ऐलान किया है। कनाडा और ब्रिटेन के शीर्ष नेताओं ने इस कूटनीतिक पहल का समर्थन किया है, लेकिन रूस की ओर से इस समझौते पर अब तक कोई आधिकारिक सहमति या पुष्टि नहीं आई है। इसी बीच, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि रूस ने सीजफायर की घोषणा के बावजूद रविवार को कई प्रमुख बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया है।
- ट्रंप का ऊर्जा सीजफायर का ऐलान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर घोषणा की कि रूस और यूक्रेन के बीच तत्काल प्रभाव से ऊर्जा सीजफायर लागू हो गया है, हालांकि यूक्रेन को भी इस घोषणा की जानकारी अचानक ही मिली।
- कनाडा और ब्रिटेन का समर्थन: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने ट्रंप की इस पहल का समर्थन करते हुए रूस से ऊर्जा ढांचे और नागरिकों पर हमले रोकने की अपील की है। हालांकि, कनाडा ने रूस से डीजल खरीदने के अमेरिकी फैसले को शांति प्रयासों के विपरीत बताया है।
इसे भी पढ़ेंः नावी पिल्लई को नोबेल मिलने के बाद अमेरिकी प्रतिबंधों के साये में इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट
- यूक्रेन के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले: राष्ट्रपति जेलेंस्की के मुताबिक, रूस ने राजधानी कीव और खारकीव समेत कई महत्वपूर्ण बिजली संयंत्रों पर शाहेद ड्रोन से हमले किए हैं, जिससे सर्दियों के मौसम में बिजली और हीटिंग आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
- रूसी डीजल सौदे पर विवाद: ट्रंप द्वारा रूसी डीजल पर अमेरिकी प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देने वाले फैसले का यूक्रेन, यूरोपीय देशों और खुद अमेरिका में (कुछ सीनेटरों द्वारा) कड़ा विरोध किया जा रहा है।
- नेतृत्व को लेकर बयानबाजी: ट्रंप द्वारा यूक्रेन के नेतृत्व पर सवाल उठाए जाने के बाद जर्मनी के विदेश मंत्री और यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने जेलेंस्की और यूक्रेन की संप्रभुता को अपना मजबूत समर्थन दिया है।
#रूसयूक्रेनयुद्ध #डोनाल्डट्रंप #ऊर्जासीजफायर #व्लादिमीरपुतिन #वोलोदिमीरजेलेंस्की #अंतर्राष्ट्रीयसमाचार
#RussiaUkraineWar #DonaldTrump #EnergyCeasefire #Zelenskyy #Putin #Geopolitics





