विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में फसल अवशेष (नरवाई) के बेहतर प्रबंधन और किसानों की आय में बढ़ोतरी के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। शासन की बायोफ्यूल परियोजना के तहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) द्वारा जिले के नटेरन, बासौदा और कुरवाई विकासखंडों में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए करीब 15 से 20 एकड़ शासकीय भूमि के चिन्हांकन की प्रक्रिया कलेक्टर अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में शुरू कर दी गई है।
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कचरा बनेगी ऊर्जा: खेतों की नरवाई से तैयार होगी बायोगैस
CBG प्लांट में आसपास के क्षेत्रों से मक्का, धान, गेहूं और अन्य फसलों के अवशेषों का व्यवस्थित संग्रहण किया जाएगा। वर्तमान में खेतों में नरवाई जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति तथा लाभदायक सूक्ष्म जीव नष्ट होते हैं। फसल अवशेषों को जलाने के बजाय CBG प्लांट में उपयोग करने से किसानों को इसका एक व्यावहारिक और लाभप्रद विकल्प मिलेगा। इससे कृषि अवशेषों का उपयोग स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के संसाधन के रूप में किया जा सकेगा।
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किसानों को अतिरिक्त आय और पर्यावरण को सुरक्षा
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवडे द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए दिशा-निर्देशों के बाद इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। फसल अवशेषों को सीधे आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर जिले में ‘किसान बनेगा ऊर्जादाता’ की अवधारणा को साकार किया जा रहा है।
इस पहल से खेतों में नरवाई जलाने की घटनाओं में भारी कमी आएगी, मिट्टी की गुणवत्ता का संरक्षण होगा और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक साथ नया आयाम देगी।
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