भोपाल। मध्य प्रदेश में सहकारिता और पशुपालन के क्षेत्र में एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। राज्य ने अगले तीन वर्षों में प्रतिदिन 50 लाख लीटर दूध उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। भोपाल में आयोजित विशाल गोपालक सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि यह लक्ष्य भले ही चुनौतीपूर्ण हो, लेकिन केंद्र सरकार इसे हासिल करने में मध्य प्रदेश के साथ हर कदम पर मुस्तैदी से खड़ी है।

सहकारिता से कुपोषण पर प्रहार और नस्ल सुधार को बढ़ावा

अमित शाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि स्वयं गोपालक होने के नाते मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश दुग्ध उत्पादन में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश भर में स्थापित की जाने वाली 75,000 सहकारी डेयरियों में से सबसे अधिक डेयरियां मध्य प्रदेश में खोली जाएंगी।

सम्मेलन के दौरान प्रमुख बिंदु और घोषणाएं:

  • देसी नस्लों का संवर्धन: नस्ल सुधार अनुसंधान के लिए भोपाल में 50 एकड़ भूमि पर केंद्र विकसित किया जाएगा, जिस पर मुख्यमंत्री ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
  • गोबर एवं चारा प्रबंधन: किसानों को गोबर का उचित मूल्य दिलाने, गोबर से गैस व रसायन बनाने और चारा प्रबंधन पर विशेष जोर रहेगा।
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार: उज्जैन में ₹255 करोड़ की लागत से 3 लाख लीटर क्षमता वाले डेयरी प्लांट का भूमिपूजन किया गया। साथ ही भोपाल में ₹17 करोड़ का फरमंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट, अत्याधुनिक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला और शिवपुरी के मिनी डेयरी प्लांट का उद्घाटन हुआ।
  • लाभांश वितरण: दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्यों को ₹15.10 करोड़ का लाभांश वितरित किया गया।

इसे भी पढ़ेंः सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: ट्रैफिक ई-चालान न भरने वालों की गाड़ियां होंगी जब्त, RC और ऑनलाइन सेवाएं होंगी फ्रीज

प्रदेश में प्रति व्यक्ति दुग्ध उपलब्धता राष्ट्रीय औसत से अधिक: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि विश्व में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन दूध उपलब्धता 330 ग्राम और भारत में 485 ग्राम है, जबकि मध्य प्रदेश 750 ग्राम के साथ काफी आगे है।

प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए:

  1. सभी विकासखंडों में वृंदावन ग्राम बनाए जा रहे हैं, जहाँ उन्नत नस्ल के पशुओं की प्रतियोगिताएं होंगी।
  2. 406 मौजूदा गौ एंबुलेंस के साथ 168 नई गौ एंबुलेंस जल्द सेवा में जोड़ी जाएंगी।
  3. बड़े स्तर पर पशु मेलों का आयोजन किया जाएगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में आई इस नई क्रांति से सांची का दूध संग्रहण 12 लाख लीटर तक पहुँच चुका है। गुजरात की तर्ज पर मध्य प्रदेश भी दुग्ध सहकारिता के माध्यम से अपनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है।

इसे भी पढ़ेंः नाबालिगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लग सकती है रोक: IT नियमों में संशोधन की तैयारी में केंद्र सरकार

#WhiteRevolution #MadhyaPradesh #OperationFlood #CooperativeSector #MilkProduction #AmitShah #DrMohanYadav #AnimalHusbandry #DairyFarming #SanchiMilk #GauSeva #VrindavanGram