भोपाल:
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि वर्ष 2026 को प्रदेश में "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" की थीम के साथ 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में 1 नवंबर को आयोजित होने वाला 71वां मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पूरी तरह कृषि विकास, प्राकृतिक खेती और किसान कल्याण पर केंद्रित होगा।
मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को दिशानिर्देश जारी किए। उन्होंने निर्देश दिए कि 1 नवंबर की रात प्रदेश के सभी शासकीय भवनों पर आकर्षक रोशनी की जाए।
स्थापना दिवस पर कृषकों और प्रतिभाओं का होगा सम्मान
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए:
- कृषि नवाचार प्रदर्शनियां: उन्नत कृषि, प्राकृतिक खेती और कृषि तकनीक में हुए नवाचारों पर विशेष राज्य व जिला स्तरीय प्रदर्शनियां लगाई जाएं।
- प्रतिभाओं का सम्मान: कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले किसानों, कृषि-उद्यमियों और नवोन्मेषी युवाओं को मंच प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
- जनभागीदारी: इस उत्सव को जन-उत्सव का रूप देने के लिए आम नागरिकों, सांस्कृतिक प्रतिभाओं और स्थानीय संस्थाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
लाल परेड ग्राउंड में होगा भव्य राज्य स्तरीय समारोह
71वें मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का मुख्य राज्यस्तरीय कार्यक्रम राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा।
प्रमुख आकर्षण:
- विशेष प्रदर्शनियां: 'विकसित मध्यप्रदेश-2047', 'एक जिला-एक उत्पाद' (ODOP), स्वतंत्रता संग्राम व प्रदेश के जननायक, पारंपरिक कलाएं, मंदिर स्थापत्य, भारत की ऋषि परंपरा, और कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनियां।
- देशज व्यंजन मेला: मध्य प्रदेश के पारंपरिक और व्यंजनों का विशेष फूड फेस्टिवल/मेला।
- सांस्कृतिक संध्या व आतिशबाजी: 1 नवंबर की शाम भव्य सुगम संगीत कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें देश के प्रतिष्ठित कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही आकर्षक आतिशबाजी भी की जाएगी।
जिला मुख्यालयों पर भी दिखेंगी उपलब्धियां और स्थानीय उत्पाद
सभी जिला मुख्यालयों पर भी उत्साह और उल्लास के साथ स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे:
- स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन: जिलों में उत्कृष्ट कार्यों और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन होगा।
- विशेष अतिथियों का आमंत्रण: कार्यक्रमों में स्वतंत्रता सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों, शहीद सैनिकों के परिजनों, धर्मगुरुओं, समाजसेवियों, उद्योगपतियों, स्व-सहायता समूहों और स्टार्ट-अप से जुड़े सफल उद्यमियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, संजय कुमार शुक्ला, शिवशेखर शुक्ला और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित संस्कृति व अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





