प्रतिनिधि,जमशेदपुर।सांसद विद्युत वरण महतो ने बुधवार लोकसभा सत्र में वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेलवे में मिलने वाली छूट के मामले को उठाया। इस दौरान उन्होंने नियम 377 के अधीन सूचना के तहत मामले को उठाते हुए कहा कि वे सरकार का ध्यान एक अति महत्वपूर्ण विषय की और आकर्षित कराना चाहता हूं। वैश्विक महामारी कोविड -19 के पूर्व वरिष्ठ नागरिक रियायतों के तहत 58 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं को 50 प्रतिशत व 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों तथा पुरुष ट्रांसजेंडर सभी वर्गों में 40 प्रतिशत का छूट ट्रेन यात्रा के दौरान टिकट आरक्षण का लाभ उन्हें मिलता था। मगर रेलवे बोर्ड द्वारा इसे बंद कर दिया गया है।





बताते चलें कि लगभग ढाई से तीन वर्षों बाद अब जब सभी चीजों के साथ साथ जन जीवन सामान्य हो रहा है। मगर रेलवे बोर्ड द्वारा अभी तक वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली ट्रेन यात्रा में रियायतों की सुविधा को पुनः बहाल नहीं किया गया है। जिसको लेकर देशभर के वरिष्ठ नागरिकों द्वारा उक्त सुविधा को पुनः बहाल करने की मांग की जा रही है। आज जो युवा है, भविष्य में वे भी बुजुर्ग होंगे तथा आज जो वरिष्ठ व्यक्ति हैं, उन्होंने अपनी सेवा देश एवं समाज के लिए दी है। वे अनुभवी भी हैं। साथ ही उनके अनुभव से देश को फायदा भी होगा। इसलिए उन्हें नजर अंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसी तरह कोविड-19 के दौरान देश भर की सभी ट्रेनों को स्पेशल ट्रेन घोषित किया गया था।जिससे कोविड-19 स्पेशल ट्रेन के समय को रेलवे बोर्ड द्वारा हटा लिया गया है। जबकि पैसेंजर ट्रेन के यात्रियों से अब भी स्पेशल ट्रेन का किराया लिया जा रहा है। जबकि पैसेंजर ट्रेनों में गरीब, मजदूर, आदिवासी, पिछड़े वर्ग के अधिकांश लोग यात्रा करते हैं। इस दौरान उन्होंने रेल मंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि उपरोक्त मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए देश हित में रेलवे बोर्ड द्वारा जारी उक्त आदेशों को रद्द करते हुए वरिष्ठ नागरिक रियायतों को पुनः लागू करने और पैसेंजर ट्रेन के यात्रियों से स्पेशल ट्रेन के किराए में छूट देने की मांग भी की है।