सिवनी
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की पहचान बन चुके जीआई (GI) टैग प्राप्त ‘जम्बो सीताफल’ को अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है। ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के तहत चयनित इस विशेष फल के माध्यम से किसानों की आय में इजाफा करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के निर्देशन में ‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के अंतर्गत जिले भर में सीताफल के पौधों की गणना, सटीक सर्वेक्षण और उत्पादक किसानों के पंजीयन का कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है।
उत्पादन से लेकर एक्सपोर्ट तक: मजबूत होगी वैल्यू चेन
जिले के जम्बो सीताफल की विशिष्ट पहचान और गुणवत्ता को प्रमाणित करने वाले जीआई टैग का सीधा लाभ किसानों की जेब तक पहुंचे, इसके लिए एक एकीकृत वैल्यू चेन (मूल्य श्रृंखला) विकसित की जा रही है।
- मुख्य घटक: इसके तहत सीताफल के वैज्ञानिक उत्पादन के साथ-साथ सही संग्रहण, ग्रेडिंग, आकर्षक पैकेजिंग, खाद्य प्रसंस्करण (Processing), मूल्यवर्धन (Value Addition), ब्रांडिंग और रणनीतिक मार्केटिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
- उद्देश्य: बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर किसानों को सीधे बड़े खरीदारों और प्रसंस्करण इकाइयों से जोड़ना ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित और बेहतर मूल्य मिल सके।
मार्केटिंग और निर्यात पर होगी जिला स्तरीय कार्यशाला
‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान के अगले चरण में जिले में एक वृहद कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
- प्रतिभागी: इसमें सीताफल उत्पादक किसान, स्थानीय विक्रेता, किसान उत्पादक संगठन (FPO) के सदस्य, खाद्य प्रसंस्करण उद्यमी और कृषि विभाग के अधिकारी एक मंच पर आएंगे।
- विशेषज्ञ संस्थाएं: राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) तथा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं के विशेषज्ञों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा।
- कार्यशाला का दायरा: किसानों और उद्यमियों को अत्याधुनिक प्रसंस्करण इकाइयां (Processing Units) स्थापित करने, वित्तीय सहायता प्राप्त करने, पैकेजिंग मानकों और अंतरराष्ट्रीय निर्यात बाजारों से जुड़ने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी जाएगी।
प्रशासन की अपील: छूटे हुए किसान तुरंत कराएं पंजीयन
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने जिले के उन सभी सीताफल उत्पादक किसानों से जल्द से जल्द अपना सर्वेक्षण और पंजीयन कराने की अपील की है जो अभी तक इस प्रक्रिया से नहीं जुड़ पाए हैं।
"पौधगणना और किसान पंजीयन के माध्यम से जिले में सीताफल के कुल उत्पादन का एक सटीक और प्रामाणिक डेटाबेस तैयार होगा। यह डेटा भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग, मेगा प्रोसेसिंग क्लस्टर और निर्यात रणनीति तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा।"
— श्रीमती नेहा मीना, कलेक्टर (सिवनी)
पंजीयन हेतु संपर्क सूत्र:
जिन किसानों का पंजीयन अभी तक नहीं हुआ है, वे हेल्पलाइन नंबर 9098431856 और 9713448994 पर संपर्क करके अपना पंजीयन करवा सकते हैं और 'सीताफल से समृद्धि' अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।





