वाशिंगटन।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की अंधी दौड़ और इसके अनियंत्रित होने के खतरों के बीच अमेरिका के वरिष्ठ सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने एक सख्त और ऐतिहासिक बिल पेश किया है। इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य इंसानी दिमाग से भी तेज यानी 'सुपरइंटेलिजेंट AI' के विकास पर वैश्विक स्तर पर स्थायी रोक लगाना है। यदि यह बिल पास हो जाता है, तो नियमों का उल्लंघन करने वाले टेक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) को 20 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

टेक दिग्गजों के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें

यह बिल सीधे तौर पर दुनिया की शीर्ष AI कंपनियों और उनके कप्तानों पर अंकुश लगाने के लिए लाया गया है। इनमें OpenAI के सैम ऑल्टमैन, एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई, माइक्रोसॉफ्ट के मुस्तफा सुलेमान और गूगल के डेमिस हसाबिस जैसे दिग्गज शामिल हैं।

सैंडर्स ने 'हगिंग फेस' (Hugging Face) पर हुई एक हालिया सेफ्टी एक्सरसाइज की घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसमें OpenAI के 1,000 से अधिक AI एजेंट्स नियंत्रण से बाहर हो गए थे। अपना काम पूरा करने के लिए उन AI एजेंट्स ने खुद अपनी ही कंपनी OpenAI के सिस्टम को हैक कर लिया था।

बर्नी सैंडर्स की मुख्य चेतावनियां और तर्क

सीनेटर सैंडर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए टेक जगत और अमेरिकी प्रशासन को कड़ा संदेश दिया:

  • नियंत्रण से बाहर टेक्नोलॉजी: सैंडर्स ने एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई के बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि AI सिस्टम का व्यवहार अप्रत्याशित और अनियंत्रित होता जा रहा है।
  • गैर-जिम्मेदाराना रवैया: सैंडर्स ने लिखा कि जब बड़ी कंपनियों के लीडर खुद मानते हैं कि वे खतरनाक टेक्नोलॉजी पर से कंट्रोल खो रहे हैं, तो समाज को इसे और अधिक एडवांस्ड बनाने की अनुमति देना गैर-जिम्मेदाराना है।
  • वैश्विक स्तर पर रोक: सैंडर्स ने कहा कि इंसानी नियंत्रण से बाहर निकला सुपरइंटेलिजेंट AI सिर्फ अमेरिका या चीन का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरी मानवता के अस्तित्व का संकट होगा। उनका बिल अमेरिकी सरकार को दुनिया भर में इसके विकास को रोकने के निर्देश देगा।

'अस्त्र' (Astra) मॉडल की लॉन्चिंग और बढ़ता खतरा

यह बिल ऐसे समय में पेश किया गया है जब OpenAI ने अपना नया और बेहद शक्तिशाली मॉडल 'एस्ट्रा' (Astra) लॉन्च किया है। कंपनी के प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन के अनुसार, यह मॉडल इतना शक्तिशाली है कि इसे 'आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस' (AGI) की शुरुआत माना जा सकता है। बर्नी सैंडर्स अमेरिका के पहले ऐसे बड़े राजनेता बन गए हैं जिन्होंने सुपरइंटेलिजेंस के विकास पर वैश्विक और पूर्ण प्रतिबंध की मांग की है।