शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश और भूस्खलन से हालात अत्यंत विकराल हो गए हैं। पूरे प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा और पहाड़ों से गिरते मलबे के कारण अब तक 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि राज्य को 834 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
शनिवार सुबह चंबा जिले में बारिश के कारण एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।
हाइवे बंद, मलबे में फंसे वाहन
बारिश के कारण राज्यभर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है:
- पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग: मंडी के उरला में भूस्खलन के कारण साढ़े चार घंटे तक यातायात ठप रहा। गाद में फंसी कार और मालवाहक वाहन को एनएचएआई (NHAI) की मशीनों से बाहर निकाला गया।
- शिमला-रिकांगपिओ राजमार्ग: किन्नौर के निगुलसरी के पास लगातार पत्थर और मलबा गिरने से रास्ता पूरी तरह बंद है।
- सुपर हाईवे बाधित: नारला-बिजणी निर्माणाधीन मार्ग पर कुन्नू के पास पहाड़ी दरकने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
162 सड़कें और 105 ट्रांसफार्मर ठप
बारिश का असर आम जनजीवन पर बुरी तरह पड़ा है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 162 सड़कें पूरी तरह से अवरुद्ध हैं, जिससे संपर्क कट गया है। इसके अलावा, 105 बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने से कई इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार के अनुसार, राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। पिछले 24 घंटों में चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और बिलासपुर जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आगे भी संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और सड़कों के बंद होने की चेतावनी जारी की है।





