‘रांची। झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक और असामयिक निधन से पूरा राज्य शोक में डूब गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस दुखद घड़ी में गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अपनी अत्यंत व्यक्तिगत क्षति बताया है। भावुक होते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू उनके लिए केवल एक राजनीतिक सहकर्मी या वरिष्ठ नेता नहीं थे, बल्कि एक बड़े भाई के समान थे, जिन्होंने हर दौर में उनका मार्गदर्शन किया और संबल प्रदान किया।
‘हमेशा याद आएंगे सोनू भैया’ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सोनू भैया का चले जाना उनके लिए एक ऐसा शून्य छोड़ गया है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। झारखंड आंदोलन के शुरुआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू ने स्मृति-शेष दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के एक निष्ठावान और समर्पित सिपाही के रूप में उन्होंने अपना पूरा जीवन राज्य की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री ने भावुक शब्दों में कहा, "आप हमेशा याद आएंगे भैया... उनका स्नेह, संघर्ष और झारखंड के प्रति अटूट प्रतिबद्धता हमेशा मेरे साथ रहेगी।"
दो दिवसीय राजकीय शोक और राष्ट्रीय ध्वज आधा झुके रहने का ऐलान दिवंगत मंत्री के सम्मान में झारखंड सरकार ने दो दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) द्वारा जारी आधिकारिक संकल्प के अनुसार:
- राजकीय शोक की अवधि: 6 और 7 सितंबर को पूरे राज्य में राजकीय शोक का पालन किया जाएगा।
- राष्ट्रीय ध्वज: राजकीय शोक के दौरान उन सभी प्रमुख सरकारी भवनों और संस्थानों पर तिरंगा आधा झुका रहेगा, जहाँ वह नियमित रूप से फहराया जाता है।
- समारोहों पर रोक: शोक अवधि के दौरान राज्य भर में किसी भी प्रकार के आधिकारिक या राजकीय सांस्कृतिक/सरकारी कार्यक्रमों के आयोजन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
सोमवार को रहेगा राजकीय अवकाश दिवंगत नेता को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए राज्य सरकार ने सोमवार, 7 सितंबर को सभी सरकारी कार्यालयों में अवकाश घोषित किया है। विशेष कार्य पदाधिकारी अखलेश कुमार सिन्हा के हस्ताक्षर से जारी प्रशासनिक आदेश के तहत सभी विभागों, उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को दिशा-निर्देश प्रेषित कर दिए गए हैं। कार्मिक विभाग द्वारा जारी इस आदेश की प्रतिलिपि केंद्रीय गृह मंत्रालय और झारखंड उच्च न्यायालय को भी भेजी गई है।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से न केवल झारखंड मुक्ति मोर्चा बल्कि संपूर्ण राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक गहरा शोक छा गया है।





