कैराना से पलायन मसले पर कुछ मीडिया सदमें में क्यूँ है?
पलायन का कारण जो भी हो गुंडागर्दी, षडयंत्र और राजनीति, पलायन हुआ तो है.
14 Jun 2016
|
1070
दिल्ली. सुधीर के. सिंह.(विश्लेषण). यूपी के कैराना से हिंदुओं के पलायन की खबर को लेकर राजनीति गरम है. बीजेपी सांसद हुकुम सिंह के सनसनीखेज बयानों की वजह से देश की राजधानी दिल्ली से करीब सवा सौ किलोमीटर दूर यूपी के शामली जिले का कैराना इन दिनों चर्चा में आ गया है. हुकुम सिंह का दावा है कि यहां साढ़े तीन सौ हिंदू परिवारों के मकानों में ताले लगे हैं और दो साल से इन मकानों में कोई नहीं रहता है. बीजेपी सांसद हुकुम सिंह का दावा है कि एक समुदाय विशेष की दबंगई और आपराधिक वारदात की वजह से ये पलायन हो रहा है. हुकुम सिंह के मुताबिक इसी समुदाय के अपराधी लोगों से रंगदारी और फिरौती मांगते हैं और जो विरोध करता है, उसकी दिन-दहाड़े हत्या कर दी जाती है. उन्होंने दावा किया कि इस खास समुदाय के अपराधी आए दिन न सिर्फ हिंदू बहू-बेटियों से छेड़खानी करते हैं.
मेनका गांधी ने कहा है कि एक समय ऐसा आएगा जब हर कोई यूपी से भाग जाएगा. लेकिन यूपी सरकार को कोई शर्म नहीं है. नरेंद्र मोदी सरकार के एक और केंद्रीय पर्यटन मंत्री और नोएडा से सांसद महेश शर्मा ने अखिलेश सरकार का इस्तीफा मांगा है. डॉ शर्मा कह रहे हैं कि यूपी को कश्मीर बनाने की कोशिश हो रही है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी कैराना के मुद्दे पर गंदी राजनीति कर रही है. पलायन के मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश हो रही है.
राजनैतिक पार्टियाँ आरोप-प्रत्यारोप कर एक दूसरे पर हमले बोल रही हैं परन्तु इस से भी खतरनाक स्थिति बिकाऊ मीडिया चैनलों की है. चूँकि मामला बहुसंख्यक हिन्दुओं से जुड़ा हुआ है और यह सवाल बीजेपी की ओर से उठाया गया है, कुछ चैनल ने इसे आरम्भ से ही साम्प्रदायिकता के चश्मे से देखना शुरू कर दिया है. अमूमन सभी चैनल अपनी विशेष टीम को भेज कर मामले की तह तक जाने का दावा कर रहे हैं. एनडी टीवी विशेषकर उन दलितों के घरों में गयी जिनका लिस्ट में नाम था. उनका पत्रकार सवाल पूछता है कि क्या ये सांप्रदायिक मसला है? उनका जवाब है, नहीं जी. रोजी-रोटी के तलाश में बाहर गये हैं. ए.बी.पी चैनल का पत्रकार दावा कर रहा है कि इलाके में क़ानून व्यवस्था नहीं है इसलिए कुछ व्यापारी वर्ग गुंडों के डर से बाहर जाने के लिए मजबूर हुए हैं. आज तक चैनल का दावा है कि पलायन हिन्दुओं और मुसलमानों दोनों का हुआ है जिसका कारण ख़राब क़ानून व्यवस्था और रोजी-रोटी की तलाश दोनों है. इधर जी ग्रुप और इंडिया टीवी ने भी साम्प्रदायिकता की बात को खारिज किया है परन्तु ऐसे लोगों से बातचीत की है जिन्होंने गुंडों के हाथों अपनों को खोया है या जिनसे रंगदारी मांगी गयी है और धमकियाँ मिलती रही हैं.
सवाल यह नहीं कि किसी ख़ास वर्ग के गुंडों ने किसी दुसरे वर्ग के लोगों को टारगेट कर रखा है बल्कि सच्चाई यह है कि कैराना में गुण्डे बहुसंख्यक वर्ग से हैं चाहे अन्य जगह वह वर्ग अल्पसंख्यक क्यूँ न हो और मुख्यतः पीड़ित इलाके में अल्पसंख्यक हैं चाहे वह इस देश में बहुसंख्यक कहलाते हों. ऐसे में डर का आलम तो इन अल्पसंख्यक लोगों में वही होगा न जैसा कि मीडिया और कथित सेक्युलर पार्टियाँ बहुसंख्यक हिंदुयों को लेकर करती है जब कोई अख़लाक़ जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना कहीं घट जाती है. अपनों को खोने का दर्द या अपने घर छुट जाने का दर्द हिन्दू और मुस्लिम दोनों को बराबर ही होता है पर चंद सेक्युलर और बिकाऊ मीडिया की नज़र में मानो इस देश में हिन्दुओं का कोई मोल ही नहीं. उनके दर्द से अनजान बनकर ये लोग एक नयी तरह की राजनीति करने लगतें हैं. लानत है ऐसी घटिया पत्रकारिता पर.
(उपरोक्त विचार पूर्णतया लेखक का है. अख़बार का इन विचारों से कोई सहमती या असहमति नहीं).
ट्रेंडिंग
साइना नेहवालः जिद, युग, विरासत
16 Feb 2026 61
SHANTI: भविष्य का आधार
16 Feb 2026 72
आकाशीय संप्रभुताः SJ-100 बनेगा भारत का सारथी?
16 Feb 2026 51
आत्मनिर्भर भारत का 'रेयर अर्थ' संकल्प
16 Feb 2026 60
भारत-मलेशियाः नई कूटनीतिक धुरी
16 Feb 2026 39
संसद में टकराव, जवाबदेही पर सवाल
16 Feb 2026 39
पहचान का वनवास
16 Feb 2026 26
मराठा दुर्ग में 'आधुनिक पेशवा' का शंखनाद
16 Feb 2026 31
महाराष्ट्र का नया व्याकरणः ठाकरे विरासत का विसर्जन
16 Feb 2026 16
परिसीमन: ततैया का छत्ता
16 Feb 2026 44
डिजिटल रण और भारत का विवेक
16 Feb 2026 15
भारत-अमेरिका व्यापार समझौताः कूटनीतिक 'रीसेट'
16 Feb 2026 52
संक्रांति का शंखनाद, भारत-ईयू एफटीए
16 Feb 2026 36
केंद्रीय बजटः भविष्य का बजट, वर्तमान की चिंता
16 Feb 2026 28
बांग्लादेश: जनादेश पार कूटनीति के द्वार
16 Feb 2026 29