रांची।पर्व औ त्योहारों के अवसर पर एक दूसरे को उपहार देने का पुराना रिवाज रहा है।इस बार राज्य के बेरोजगर नौजवानों के लिए खास उपहार देने के लिए तैयारी चल रही है।वैसे ये उपहार बेरोजगर नौजवानों के भविष्य के साथ जुड़ा हुआ है,जो सरकार की तरफ सालों से नजर टिकाए बैठे हुए थे।राज्य के विभिन्न विभागों में सालों से खाली पड़े हुए पदो को भरने का विभागीय आदेश जारी हो गया है,और इस आदेश के बाद कुछ विभागों में नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है।कई विभागों में नियुक्ति से संबंधित विज्ञापन जारी करने की तैयारी चल रही है।
सूबे की हेमंत सोरेन सरकार की त्योहारों के इस मौसम में बेरोजगर नौजवानों इस नियुक्ति वाले उपहार पर गौर किया जाए तो राज्य में 72 हजार स्वीकृत पदों पर नियुक्ति के लिए तैयारी है।पहले चरण में 26 हजार शिक्षकों की नियुक्ति होगी। इसके बाद 13 हजार पारा शिक्षक और 13 हजार टेट पास अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा।स्वास्थ्य विभाग में 3 हजार के लगभग पारा मेडिकल स्टाफ की बहाली होनी है। JSLPS के तहत करीब 19 सौ पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मनरेगा के तहत 1 हजार 46 पद पर बहाली की प्रक्रिया जारी है।राज्य में करीब 15 हजार सिपाहियों की बहाली होनी है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में 209 पदों पर नियुक्ति होगी। 15 वें वित्त आयोग के तहत करीब 1 हजार 4 सौ पदों पर नियुक्ति होनी है। इसके साथ ही प्रोन्नति में अड़चन को दूर कर लंबित प्रोन्नति देने की तैयारी हो चुकी है।
जे एम एम के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय के मुताबिक राज्य की हेमंत सोरेन सरकार जनता से किया गया हर वायदा पूरा करने जा रही है। जिस भी विभाग में जो पद खाली है उनको भरा जाएगा। अधिक से अधिक बेरोजगर नौजवानों के हाथ में रोजगार मिल सके ये हेमंत सोरेन सरकार का लक्ष्य है।सीएम सोरेन इसकी मोनेटरिंग खुद कर रहे है और हर विभाग को नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने को लेकर सख्त निर्देश दिए है।
आपको बताते चले कि राज्य में हेमंत सरकार ने 2021 को नियुक्ति का साल घोषित किया हुआ है।इस घोषणा के बाद से राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा लगातार हेमंत सोरेन सरकार की मंशा पर सवाल उठा रही है।भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि बात चाहे हर साल 5 लाख बेरोजगारों को रोजगार देने की हो या लंबित पंचायत सचिव की नियुक्ति की या फिर सहायक पुलिस कर्मियों के साथ न्याय करने की राज्य की हेमंत सोरेन सरकार की कथनी और करनी में बहुत बड़ा फर्क है।
भाजपा नेता का कहना है कि कभी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद ट्वीट कर नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर विज्ञापन जारी करने का दंभ भरते हैं, तो कभी जनता को संबोधित करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने का आह्वान करते है।पर साल 2021 अब बीतने वाला है और रोजगार के नाम पर बेरोजगारों के हाथ आज भी खाली हैं।
आपको बता दें कि झारखंड में स्वीकृत करीब तीन लाख पद खाली हैं।चुनाव के समय में हर पार्टी खाली पदों पर बहाली का वादा करती है और सत्ता के सिंहासन तक का सफर तय करती हैं, लेकिन खाली पद, खाली ही रह जाते हैं।इस बार भी हेमंत सोरेन की अगुवाई वाली सरकार के वायदों और उसके दावों की अग्निपरीक्षा होनी है।जिसमें ये तय होगा कि राज्य के बेरोजगर नौजवानों को रोजगार का उपहार मिला या एक बार फिर वो ठगे गए।





