चंडीगढ़/पानीपत: मशहूर रैपर और सिंगर बादशाह अपने नए हरियाणवी लोक गीत (Folk Song) 'टटिहरी' को लेकर कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। 1 मार्च को रिलीज हुए इस गाने के बोल (लिरिक्स) और वीडियो दृश्यों पर गंभीर आपत्ति जताते हुए हरियाणा महिला आयोग ने उन्हें समन जारी किया है। विवाद बढ़ता देख बादशाह ने अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है।
क्यों शुरू हुआ विवाद?
गाने के कुछ विशिष्ट बोलों को लेकर हरियाणा के सामाजिक संगठनों और वकीलों ने आपत्ति दर्ज कराई है।
विवादास्पद लिरिक्स: शिकायत में गाने की लाइन— "आया बादशाह डोली चढ़ाने, इन सबकी घोड़ी बनाने"— को बेहद आपत्तिजनक और महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया गया है।
शिकायतकर्ता: पानीपत की 'नारी तू नारायणी' संस्था की अध्यक्ष सविता आर्य और 'शिव आरती फाउंडेशन' के प्रमुख शिव कुमार की शिकायत पर महिला आयोग ने नोटिस जारी किया। इसके अलावा, रोहतक के एडवोकेट राज नारायण पंघाल ने राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग में भी शिकायत भेजी है।
बादशाह की सफाई: "मैं हरियाणा का बेटा हूँ"
विवाद गहराने के बाद बादशाह ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा:
"मेरा इरादा हरियाणा के किसी बच्चे या महिला के बारे में कोई बेहुदा बात करने का नहीं था। मैं खुद हरियाणा से हूँ और मेरी पहचान यहीं से है। हिप-हॉप जॉनर में लिरिक्स अक्सर अपने कॉम्पटिशन (प्रतिद्वंद्वियों) को नीचा दिखाने के लिए लिखे जाते हैं, वे किसी महिला या बच्चे के लिए नहीं थे। अगर किसी को भी ठेस पहुँची है, तो मैं तहे दिल से क्षमा मांगता हूँ। मुझे अपना बेटा मानकर माफ कर दें।"
कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है
माफी के बावजूद, सिंगर की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। हरियाणा महिला आयोग ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्पष्टीकरण देने को कहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का तर्क है कि 'लोक गीतों' के नाम पर अश्लीलता या द्विअर्थी संवादों को बढ़ावा देना संस्कृति का अपमान है।
क्या है 'टटिहरी'?
'टटिहरी' एक पारंपरिक हरियाणवी लोक गीत है, जिसे बादशाह ने अपने आधुनिक हिप-हॉप अंदाज में रीमिक्स किया था। रिलीज के पहले ही हफ्ते में यह गाना ट्रेंडिंग में आ गया था, लेकिन अब यह अपनी लोकप्रियता से ज्यादा विवादों के कारण चर्चा में है।





