मुंबई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की 18 सितंबर को होने वाली वार्षिक आम बैठक (AGM) से पहले चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के भविष्य को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन और कप्तान रोहित शर्मा के चयन को लेकर उपजे विवाद के बाद से ही अगरकर के पद पर खतरा मंडरा रहा था। हालांकि, ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगरकर को पद पर बरकरार रखने को लेकर BCCI के अंदर ही दो अलग-अलग धड़े बन गए हैं।
BCCI में दो राय: अगरकर बनाम लक्ष्मण
पत्रकार अभिषेक त्रिपाठी के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, बोर्ड अधिकारियों के बीच अगरकर की भूमिका को लेकर दो स्पष्ट मत देखने को मिल रहे हैं:
- अगरकर के समर्थन में धड़ा: अधिकारियों का एक वर्ग मानता है कि हेड कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के बीच तालमेल अब बेहतर हो रहा है। इस धड़े की राय है कि टीम में स्थिरता बनाए रखने के लिए अगरकर को 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक अपने पद पर बने रहना चाहिए।
- बदलाव का पक्षधर धड़ा: वहीं, दूसरा धड़ा बदलाव के पक्ष में है। इस गुट का मानना है कि अब आगे बढ़ने का समय आ गया है और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को चीफ सेलेक्टर की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
गंभीर के साथ तालमेल और चयन विवाद
पिछले कुछ महीनों में हेड कोच गौतम गंभीर और अजीत अगरकर के बीच मतभेदों की खबरें लगातार मीडिया की सुर्खियों में रही हैं। हालांकि, इन खबरों पर कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन हालिया दौरों के नतीजों और चयन संबंधी विवादों ने अगरकर की प्रशासनिक शैली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए थे।
फिलहाल, 18 सितंबर को होने वाली हाई-प्रोफाइल AGM में BCCI इस संवेदनशील मुद्दे पर अंतिम मोहर लगाएगी कि अगरकर अपनी नौकरी बचा पाते हैं या फिर वीवीएस लक्ष्मण के हाथों में भारतीय चयन समिति की कमान सौंपी जाती है।





