लॉस एंजिल्स: हॉलीवुड की गलियों में जब भी 'रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट' (ROI) की बात होती है, तो 'पैरानॉर्मल एक्टिविटी' (Paranormal Activity) का नाम सबसे ऊपर सुनहरे अक्षरों में लिया जाता है। करोड़ों डॉलर के भारी-भरकम वीएफएक्स और तामझाम वाली फिल्मों के दौर में, इस फिल्म ने साबित किया कि एक बेहतरीन आइडिया और खौफनाक अहसास किसी भी बड़े बजट पर भारी पड़ सकता है।

मात्र ₹12 लाख का 'माइक्रो बजट'

साल 2007 में आई इस फिल्म की मेकिंग किसी चमत्कार से कम नहीं थी। निर्देशक ओरेन पेली ने इस फिल्म को अपने ही घर में, महज एक कैमरे के साथ शूट किया था।

लागत: फिल्म का मूल बजट करीब 15,000 डॉलर (लगभग ₹12 लाख) के आसपास था।

सादगी में डर: फिल्म में न कोई बड़ा सुपरस्टार था, न ही कोई महंगे सेट। इसकी कहानी एक साधारण कपल के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने घर में होने वाली डरावनी गतिविधियों को सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड करते हैं।

जब डर ने तोड़े कमाई के रिकॉर्ड

शुरुआत में इस फिल्म को केवल कुछ फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाया गया, जहां इसे जबरदस्त सराहना मिली। बाद में 'पैरामाउंट पिक्चर्स' ने इसे खरीदा और इसके पोस्ट-प्रोडक्शन (एडिटिंग और साउंड) पर करीब 2 करोड़ रुपये और खर्च किए। लेकिन जब फिल्म बड़े पर्दे पर आई, तो जो हुआ वह इतिहास बन गया:

वर्ल्डवाइड कलेक्शन: फिल्म ने दुनिया भर में करीब ₹1600 करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया।

ऐतिहासिक मुनाफा: मुनाफे के मामले में इस फिल्म ने 13,000% से भी ज्यादा का रिटर्न दिया, जो सिनेमा जगत में एक दुर्लभ रिकॉर्ड है।

'फाउंड फुटेज' स्टाइल का जादू

'पैरानॉर्मल एक्टिविटी' की सफलता का सबसे बड़ा राज इसका 'फाउंड फुटेज' स्टाइल था। दर्शकों को ऐसा महसूस हुआ जैसे वे कोई फिल्म नहीं, बल्कि किसी के घर का असली सीसीटीवी फुटेज देख रहे हों। इस वास्तविकता ने लोगों के मन में इतना खौफ पैदा किया कि फिल्म देखने के बाद कई लोगों के लिए रात को अकेले सोना मुश्किल हो गया था।

सिनेमाई सबक: यह फिल्म आज भी दुनिया भर के युवा फिल्ममेकर्स के लिए एक प्रेरणा है। यह सिखाती है कि अगर कहानी में दम हो और पेश करने का तरीका नया हो, तो संसाधनों की कमी कभी भी सफलता के आड़े नहीं आ सकती।

इस फिल्म की अपार सफलता के बाद इसके सात और पार्ट्स (सीक्वल) रिलीज किए गए, लेकिन जो कल्ट स्टेटस पहले पार्ट ने हासिल किया, वह आज भी बेमिसाल है।