मुंबई: भारतीय सिनेमा में अक्सर बड़ी फिल्में एक्शन और रोमांस के दम पर चलती हैं, लेकिन 2015 में एक ऐसी फिल्म आई जिसने 'पेट खराब' होने जैसी समस्या को फिल्म का मुख्य केंद्र बनाया और सफलता के झंडे गाड़ दिए। हम बात कर रहे हैं शूजित सरकार द्वारा निर्देशित मास्टरपीस 'पीकू' (Piku) की।
तीन दिग्गजों की जुगलबंदी
इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टारकास्ट थी। अमिताभ बच्चन, इरफान खान और दीपिका पादुकोण—इन तीन मंझे हुए कलाकारों ने पर्दे पर ऐसी केमिस्ट्री दिखाई कि दर्शक अपनी हंसी नहीं रोक पाए। फिल्म में दीपिका ने एक वर्किंग बेटी (पीकू) का किरदार निभाया, जो अपने बुजुर्ग और जिद्दी पिता (भास्कर बनर्जी) की देखभाल और उनकी 'पेट की समस्याओं' से जूझती नजर आती हैं।
बजट से चार गुना ज्यादा कमाई
'पीकू' ने बॉक्स ऑफिस पर यह साबित कर दिया कि कंटेंट ही किंग है:
बजट: लगभग ₹35-42 करोड़।
कुल कमाई: दुनिया भर में ₹141 करोड़ का शानदार कलेक्शन।
भारत में प्रदर्शन: ₹80 करोड़ का नेट कलेक्शन कर फिल्म ने 'सुपरहिट' का टैग हासिल किया।
अवॉर्ड्स की हुई थी बारिश
फिल्म को न केवल जनता का प्यार मिला, बल्कि क्रिटिक्स ने भी इसे सिर आंखों पर बैठाया।
अमिताभ बच्चन ने भास्कर बनर्जी के सनकी किरदार के लिए अपना चौथा नेशनल फिल्म अवॉर्ड (Best Actor) जीता।
दीपिका पादुकोण ने अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए फिल्मफेयर में 'बेस्ट एक्ट्रेस' का खिताब जीता।
फिल्म ने कुल 5 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स अपने नाम किए थे।
क्यों खास है 'पीकू'?
जूही चतुर्वेदी द्वारा लिखित यह फिल्म केवल कॉमेडी नहीं थी, बल्कि यह माता-पिता और बच्चों के बीच के बदलते रिश्तों की एक भावुक कहानी भी थी। दिल्ली से कोलकाता तक के सड़क सफर (Road Trip) के दौरान इरफान खान (राणा) का किरदार फिल्म में जो तड़का लगाता है, वह आज भी दर्शकों के दिलों में ताजा है।
आज की पीढ़ी के लिए संदेश: अगर आपने अब तक यह फिल्म नहीं देखी है, तो यह एक ऐसी 'फील गुड' फिल्म है जिसे आप अपने पूरे परिवार के साथ बैठकर एन्जॉय कर सकते हैं। यह फिल्म सिखाती है कि परिवार में चाहे कितनी भी किचकिच हो, अंत में प्यार ही सबसे ऊपर है।





