धनबाद।घर के दरवाजे पर रोज सुबह आने वाले सफाई वाहन की सेवा अब फ्री में नहीं मिलेगी।धनबाद नगर निगम ने यूजर चार्ज वसूली का काम निजी एजेंसी को सौंपने का निर्णय लिया है।नगर निगम ने टेंडर भी निकाल दिया है और टेंडर डालने की 29 जुलाई है।राजधानी रांची में निजी एजेंसी के पास यूजर चार्ज वसूली की जिम्मेदारी है।धनबाद नगर निगम भी रांची की तरह पर धनबाद में भी व्यवस्था लागू करने जा रहा है।
यूजर चार्ज के दायरे में आने वाले भवनों का पहले डाटाबेस तैयार किया जाएगा।डाटाबेस के आधार पर यूजर चार्ज की वसूली होगी। मौजूदा समय में नगर निगम खुद यूजर चार्ज की वसूली करता है।पूरे महीने में नगर निगम मुश्किल से दस लाख रुपए ही वसूल पाता है।यही कारण है कि नगर निगम अब उसे निजी हाथों में सौंपने का निर्णय लिया है।
सफाई मद में हर माह एक करोड़ से अधिक खर्च
नगर निगम में सफाई मद में हर माह एक करोड़ रुपए से अधिक खर्च है।जिनमें डोर-टू-डोर सफाई करने वाली एजेंसी को भुगतान से लेकर ईंधन का खर्च शामिल हैं। निगम को खुद ही इन खर्चों को निकालना है। इसको देखते हुए यूजर चार्ज वसूली का काम निजी एजेंसी को दिया जा रहा है।
जानें किसे कितना देना होगा यूजर चार्ज
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवास 20 रुपए, एलआईजी 40, एमआईजी 60, एचआईजी 80, होटल गेस्ट हाउस 1000 से 15000, ढाबा 350, धर्मशाला 800, रेस्टोरेंट 1500, बेकरी-फूड आउटलेट 1000, मिठाई दुकान 1000, फास्ट फूड दुकान 500, ठेला-खोमचा 200, पान-चाय दुकान 100, किरायेदार 60, शॉपिंग कॉम्पलेक्स 2000 से 10000, लॉज 5000, सिनेमाघर 5000, होलसेल दुकान 1500, मेन मार्केट दुकानदार 1000, स्ट्रीट शॉप 250, गोदाम 1500, सब्जी-फल दुकान 200, बिना बेड वाली डिस्पेंसरी 400, बेड वाला अस्पताल 5-20 हजार, स्कूल, कोचिंग और कॉलेज 200, गैर-सरकारी 1000 और मैरिज हॉल से 2500 से 5000 वसूले जाएंगे।
सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम को अपने आंतरिक स्रोत से ही खर्च निकालना है। इसको देखते हुए निजी कंपनी को काम सौंपने का निर्णय लिया गया है।टेंडर फाइनल होते ही प्राइवेट कंपनी यूजर चार्ज वसूलेगी।





