मुंबई। महाराष्ट्र की सियासत में 'असली' और 'नकली' की लड़ाई के बीच अब राजनीतिक चंदे और फंड जुटाने के मामले में भी बड़े आंकड़े सामने आए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्वाचन आयोग (ECI) को सौंपी गई वार्षिक चंदा रिपोर्ट (Form-24A) के अनुसार, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने चंदा हासिल करने के मामले में अपने सभी प्रतिस्पर्धियों को काफी पीछे छोड़ दिया है।

आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में शिंदे की शिवसेना को ₹139.92 करोड़ का भारी-भरकम दान मिला है। यह रकम पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और उनके भाई राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को मिले कुल चंदे का करीब 51 गुना अधिक है।

चंदे का सियासी तुलनात्मक गणित

निर्वाचन आयोग के फॉर्म-24A नियमों के तहत राजनीतिक दलों को ₹20,000 से अधिक के सभी व्यक्तिगत और कॉरपोरेट चदों का ब्योरा देना होता है। इस रिपोर्ट में पेश किए गए आंकड़ों की तुलना इस प्रकार है:

राजनीतिक दलनेतृत्वFY 2025-26 में घोषित चंदाशिंदे सेना से तुलना
शिवसेनाएकनाथ शिंदे₹139.92 करोड़—
शिवसेना (UBT)उद्धव ठाकरे₹1.25 करोड़शिंदे सेना 112 गुना ज्यादा
MNSराज ठाकरे₹1.50 करोड़ (₹1.49 cr)शिंदे सेना 93 गुना ज्यादा
ठाकरे बंधुओं का कुल योगउद्धव + राज₹2.75 करोड़शिंदे सेना 51 गुना ज्यादा

शिंदे की पार्टी को किनसे मिला सबसे बड़ा चंदा?

शिंदे गुट द्वारा निर्वाचन आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि पार्टी के खजाने को भरने में सबसे बड़ा योगदान कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर (रियल एस्टेट) क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों का रहा है।

  • शीर्ष 3 योगदानकर्ता: शिंदे की शिवसेना को मिले कुल घोषित चंदे ₹139.92 करोड़ में से अकेले ₹75 करोड़ (लगभग 53.6% हिस्सा) केवल तीन प्रमुख संस्थागत योगदानों से आया है।
  • अन्य प्रमुख दानदाता: रिपोर्ट में HOABL मैनेजमेंट, एसबी इन्फोकैश और रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ी कई अन्य कंपनियों का उल्लेख है।
  • लेन-देन के माध्यम: सभी प्रमुख लेन-देन बैंकिंग चैनलों जैसे चेक, डिमांड ड्राफ्ट (DD) और RTGS के माध्यम से पूरे किए गए हैं।

उद्धव और राज ठाकरे की पार्टियों के प्रमुख दानदाता

  1. शिवसेना (UBT): उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने कुल ₹1.25 करोड़ का चंदा घोषित किया है। उनके प्रमुख दानदाताओं में जुनिपर होटल्स (ग्रैंड हयात), अजिमा मैनर प्राइवेट लिमिटेड और म्यूचुअल ग्रोथ फंड जैसी संस्थाओं के नाम शामिल हैं।
  2. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS): राज ठाकरे की MNS ने कुल ₹1,49,81,000 (लगभग ₹1.50 करोड़) का चंदा हासिल किया। पार्टी को फंडिंग देने वालों में सारस्वत कंस्ट्रक्शन, पायनियर हाउसिंग के अलावा स्थानीय संस्थाएं और समर्पित कार्यकर्ता व समर्थक शामिल हैं।

क्या हैं इसके सियासी मायने?

चुनाव विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता में होने और सरकारी तंत्र के साथ-साथ बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं के विस्तार के चलते एकनाथ शिंदे की पार्टी कॉरपोरेट घरानों और बड़े निवेशकों की पहली पसंद बनी हुई है। वहीं, विपक्ष में बैठी शिवसेना (UBT) और MNS के पास वित्तीय संसाधनों का यह भारी अंतर आगामी चुनावों में उनके प्रचार अभियान और सांगठनिक गतिविधियों के पैमाने को प्रभावित कर सकता है।

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