मुंबई। अमेरिका और ईरान के बीच रातों-रात शुरू हुए सैन्य हवाई हमलों का सीधा और नकारात्मक असर भारतीय वित्तीय बाजारों पर देखने को मिला है। बुधवार को बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट में भारी बिकवाली दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा हो गए।

सेंसेक्स खुलते ही लगभग 700 अंक नीचे गिर गया, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स में 200 से अधिक अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

बाजार की शुरुआती स्थिति और आंकड़े

इंडेक्स / सूचकांकप्री-ओपनिंग / शुरुआती स्तरबदलाव / गिरावट
BSE सेंसेक्स76,397.24~700 अंक टूटा
NSE निफ्टी 5023,852.05~203 अंक टूटा
गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स24,033.50नेगेटिव शुरुआत के संकेत
ब्रेंट क्रूड (Brent Crude)$96.60 / बैरल+2% की तेजी (6 हफ्ते का हाई)
  • सेंसेक्स का हाल: सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से केवल सनफार्मा (Sun Pharma) का शेयर ही हरे निशान (मुनाफे) में कारोबार कर रहा था, जबकि अन्य 29 दिग्गज कंपनियां लाल निशान में फिसल गईं।

गिरावट के मुख्य कारण

  • अमेरिका-ईरान हवाई हमले: अमेरिकी प्रशासन द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर की गई स्ट्राइक और ईरान के जवाबी हमलों ने वैश्विक निवेशकों में खौफ का माहौल बना दिया, जिससे एशियाई बाजारों में चौतरफा बिकवाली शुरू हो गई।
  • कच्चे तेल (Crude Oil) में उछाल: मध्य पूर्व में तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड 2% उछलकर $96.6 प्रति बैरल पर पहुंच गया। ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका से क्रूड में तेजी आई है।
  • महंगाई और ब्याज दरों का डर: तेल महंगा होने से भारत और अमेरिका समेत वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की चिंता गहरा गई है। इससे बॉन्ड यील्ड में तेजी आ रही है और अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने की संभावना बढ़ गई है।
  • FII की निकासी का जोखिम: वैश्विक अनिश्चितता और कड़े मौद्रिक रुख के कारण विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारत जैसे उभरते बाजारों (Emerging Markets) से पूंजी निकालकर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।