दुबई महिला एशिया कप 2026 का खिताब श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड 8वीं बार अपने नाम करने वाली भारतीय टीम की खुशियों के बीच तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ को झटका लगा है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने आचार संहिता के उल्लंघन के चलते क्रांति पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। वहीं, एक अन्य मामले में सेमीफाइनल में स्लो ओवर-रेट के कारण पूरी पाकिस्तान महिला टीम पर भी जुर्माना ठोका गया है।
क्रांति गौड़ को क्यों मिली सजा?
श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मुकाबले के पहले ही ओवर में क्रांति गौड़ ने विरोधी सलामी बल्लेबाज इमेशा दुलानी को बोल्ड किया। विकेट हासिल करने के बाद क्रांति ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाज को पवेलियन लौटने का इशारा किया।
- उल्लंघन: आईसीसी आचार संहिता के आर्टिकल 2.5 (लेवल 1) का उल्लंघन, जो किसी बल्लेबाज के आउट होने पर भड़काऊ या अपमानजनक इशारे करने से रोकता है।
- सजा: मैच फीस का 10% जुर्माना और खाते में 1 डीमेरिट अंक जोड़ा गया।
- आरोप तयकर्ता: मैदानी अंपायर सलीमा इम्तियाज, शाथिरा जाकिर जेसी, तीसरे अंपायर रोकिया सुल्ताना और चौथे अंपायर हुमैरा फराह।
भारतीय तेज गेंदबाज ने अपनी गलती स्वीकार कर ली, जिसके चलते इस मामले में औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
पाकिस्तान टीम पर स्लो ओवर-रेट की गाज
दूसरी ओर, श्रीलंका के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में धीमी ओवर गति के लिए पाकिस्तान महिला टीम को भी ICC की कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
- उल्लंघन: मैच रेफरी जी.एस. लक्ष्मी ने जांच में पाया कि पाकिस्तानी टीम निर्धारित समय सीमा से 1 ओवर पीछे थी।
- सजा: आर्टिकल 2.22 के तहत पाकिस्तान के सभी खिलाड़ियों पर मैच फीस का 5 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया।





