इटखोरी में धड़ल्ले से जारी है अवैध बालू खनन का परिवहन और भंडारण





प्रखंड प्रशासन द्वारा छापामारी कर 800 सीएफटी अवैध रूप से भंडारित बालू किया गया जब्त





पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,इटखोरी (चतरा)। जिला प्रशासन के द्वारा अवैध ढंग से बालू के खनन,परिवहन और भंडारण पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद भी जिले के इटखोरी प्रखंड में इन दिनों बालू माफियों का आतंक और मनोबल चरम सीमा पर है।अवैध बालू खनन और परिवहन के साथ-साथ भंडारण भी प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में किया जा रहा है।इटखोरी प्रखंड में कई ऐसे स्थान है जहां पर बालू का भंडारण बालू तस्करों के द्वारा किया गया है।





इटखोरी प्रखंड का परसौनी पंचायत का कब्रिस्तान बालू भंडारण के मामले में फिर से चर्चा का विषय बना हुआ है। अंचलाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड में अवैध बालू खनन परिवहन और भंडारण को लेकर प्रखंड प्रशासन द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी के नेतृत्व में छापामारी की गई। परसौनी कब्रिस्तान के पास अवैध रूप से भंडारित 500 सेफ्टी बालू और कोनी पंचायत के ग्राम हरदिया विद्यालय के पास में 300 सेफ्टी अवैध बालू का भंडारण छापामारी के क्रम में पाया गया।





अवैध बालू खनन भंडारण और परिवहन को लेकर के इटखोरी अंचलाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमनाथ बांकिरा ने छापामारी कर अवैध रूप से भंडारण किए गए बालू को जप्त किया गया।छापेमारी में इटखोरी प्रमुख प्रिया कुमारी,प्रखंड जिला परिषद सदस्य सरिता देवी व उप प्रमुख संजय गुप्ता भी मौजूद रहे।





इस बालू भंडारण पर वहां के ग्रामीणों ने बताया कि ट्रैक्टर से बालू लगातार दिन-रात गिराया जाता है और यहां से दूसरे जिलों को भी भेजा जाता है।अब सवाल यह उठता है कि सरकार अवैध बालू खनन पर रोक लगाए हुए है और जिला प्रशासन के निर्देश पर अधिकारियों द्वारा छापेमारी भी की जा रही है। इसके बावजूद भी इटखोरी प्रखंड में बालू का कारोबार और भी तेजी से फल फूल रहा है। अभी तो दो ही स्थान पर बालू के भंडारण का पता चला है और यह भंडारण का पता तब चलता है जब अवैध रूप से खनन कर बालू को विभिन्न परिवहन के माध्यमों से भंडारण स्थल तक पहुंचाया जाता है। खैर प्रखंड प्रशासन की तंद्रावस्था का लाभ अवैध बालू के धंधे में संलिप्त धंधेबाज बेखौफ उठा रहे हैं।