लखनऊ।राजस्थान के उदयपुर में 28 जून को दिनदहाड़े टेलर कन्हैया लाल साहू की निर्मम हत्या के बाद पूरे देश का माहौल गर्म है।भारतीय जनता पार्टी की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट के बाद रियाज और मोहम्मद गौस ने कन्हैया लाल साहू की दुकान में घुसकर उसकी गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी।आरोपियों के गिरफ्तारी के बाद अभी इस मामले की जांच चल रही रही है।अब उत्तर प्रदेश से दूसरा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है।हिंदू समाज पार्टी के दिवंगत प्रमुख कमलेश तिवारी की पत्नी किरण तिवारी ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक गुमनाम पत्र मिला है। जिसमें उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है।कमलेश तिवारी की हत्या के बाद से उनकी पत्नी किरण तिवारी संगठन का काम देख रही हैं।
उदयपुर में कन्हैया लाल साहू की हत्या के बाद अब 2019 में पैगंबर पर टिप्पणी को लेकर मारे गए कमलेश तिवारी की पत्नी किरण तिवारी को जान से मारने की धमकी मिली है।किरण ने बताया कि उन्हें 22 जून को लखनऊ में अपने घर के अंदर एक सफेद लिफाफे में धमकी भरा खत मिला,खत पूरा उर्दू में लिखा गया है।जानकारी के मुताबिक किरण को जो खत मिला है।उसमें लिखा है कि तुम्हारे पति को जहां भेजा है, तुमको भी वही पहुंचा देंगे।पत्र मिलने के बाद किरण और उनके बच्चों में दहशत है।
पत्र में योगी और मोदी की तस्वीर
गौरतलब है कि पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई लोगों की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें भी थीं।तस्वीरों पर बड़े X के निशान थे, जिनके आगे हाथ से टारगेट लिखा हुआ था।
चिट्ठी की जांच कर रही पुलिस
डीसीपी (वेस्ट) एस चिनप्पा ने बताया कि एक बंद लिफाफे में चिट्ठी मिली है।मौके पर पहुंचकर इसकी जांच पड़ताल की जा रही है। साथ ही साथ सुरक्षा-व्यवस्था की समीक्षा की गई है और सुरक्षा की उचित व्यवस्था की गई है।
कैसे हुई थी हत्या
राजधानी लखनऊ के खुर्शीद बाग में 18 अक्टूबर 2019 में हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की उनके घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी।भगवा कुर्ता पहने आरोपी मिठाई के डिब्बे में छिपाकर चाकू और पिस्टल लाए थे।इसके बाद उन्होंने कमलेश तिवारी को पहले गोली मारी फिर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए।हत्या के बाद आरोपी भाग निकले।बाद में दोनों को राजस्थान और गुजरात सीमा पर गिरफ्तार किया गया था। पकड़े गए आरोपियों में शेख अशफाक और पठान मोइनुद्दीन ने बताया था कि वे कमलेश तिवारी की तरफ से 2015 में पैगंबर मोहम्मद को लेकर दिए गए बयान से नाराज थे।
आपको बता दें कि कमलेश तिवारी ने दिसंबर 2015 में पैगंबर मुहम्मद के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद सुर्खियां बटोरीं थी। उनके बयानों के कारण कई मुस्लिम समूहों ने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया।जिनमें से कुछ विरोध करने वाले संगठनों ने उनके सिर की मांग की। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और राजस्थान के टोंक में प्रदर्शनकारियों ने मांग की थी कि कमलेश तिवारी का सिर काट दिया जाना चाहिए।





