प्रतिनिधि,चतरा। लावालौंग प्रखंड मुख्यालय निवासी बेलाल अंसारी ने लावालौंग थाना के एएसआई सफीक अंसारी के द्वारा धमकाने,पैसे मांगने एवं मानसिक टॉर्चर करने का आरोप लगाया है।भुक्तभोगी बेलाल अंसार ने चतरा के पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।





आवेदन में बेलाल ने कहा है कि मैं एक विकलांग व्यक्ति हूं और मेरा पुत्र घर में ही वेल्डिंग दुकान चलाता है। लॉकडाउन के वक्त एएसआई सफीक अंसारी घर पर आकर अनावश्यक धमकी देने लगे कि लॉकडाउन में दुकान चलाता है और बेहद गाली गलौज करके जेल भेजने की धमकी देने लगे।कहने लगे कि तुमने लॉकडाउन का उल्लंघन किया है।पच्चीस हजार रूपए दो नहीं तो तुम्हारा दुकान सील कर देंगे और जेल भी भेज देंगे।डर से हमने सफीक अंसारी के खाते में एक बार बीस हजार रूपए और दूसरी बार पांच हजार रुपये दिए।इसके बाद से सफीक अंसारी को मुझे टॉर्चर करने का और भी नशा लग गया। उन्होंने मेरा अल्टो कार भी दो महीने तक डरा धमका कर अपने पास रखा।फिर विभिन्न पार्ट खराब होने के बाद मुझे दे दिया।जब मैंने कहा कि कम से कम बनवा तो देते सर, तो पुनः गाली गलौज एवं अभद्र व्यवहार करते हुए वे कहने लगे कि तुम लोग दोनों बाप बेटा को डकैती,मर्डर,उग्रवादी या किसी भी केस में फंसा कर जेल भेज देंगे।





एसपी से गुहार लगाते हुए बेलाल ने कहा है कि सफीक अंसारी के मंसूबे से हम सभी परिवार मानसिक दबाव और डर भरी जिंदगी जीने के लिए मजबूर हैं। हमें न्याय दिलाने की कृपा करें।