चंडीगढ़:
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के अंतिम दिन (27 अक्टूबर) विधानसभा परिसर राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों के बीच सदन के भीतर और बाहर भारी हंगामा, नोकझोंक और धक्का-मुक्की देखने को मिली।
विवाद की मुख्य वजह कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा का निलंबन और कांग्रेस विधायकों को सदन के भीतर जाने से रोका जाना रहा। परिसर में स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि नेताओं के बीच मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ही तीखी झड़प हो गई।
1. मार्शल तैनाती और एंट्री पर बढ़ा विवाद
पूरा हंगामा तब शुरू हुआ जब 23 अक्टूबर को पूरे सत्र के लिए निलंबित किए गए कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा अन्य पार्टी विधायकों के साथ सदन में प्रवेश करने पहुंचे। सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने पर कांग्रेस विधायकों ने उग्र नारेबाजी शुरू कर दी।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा का गंभीर आरोप
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार पर दुर्भावनापूर्ण राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा:
"हमें जानबूझकर सदन में प्रवेश नहीं करने दिया गया। कांग्रेस विधायकों को रोकने के लिए आगे महिला मार्शलों को खड़ा किया गया ताकि अगर कोई धक्का-मुक्की हो, तो हमारे विधायकों पर महिलाओं से बदसलूकी का झूठा आरोप लगाया जा सके। भगवंत मान सरकार विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है।"
2. मीडिया पोडियम पर आप और कांग्रेस के बीच हाथापाई जैसी स्थिति
सदन से वॉकआउट करने के बाद जब कांग्रेस नेता—प्रताप सिंह बाजवा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह और सुखपाल खैरा—परिसर में लगे पोडियम पर मीडिया को संबोधित कर रहे थे, तभी आम आदमी पार्टी की महिला विधायक सरबजीत कौर मानूके वहां पहुंच गईं।
कौन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा, इसको लेकर दोनों पक्षों में बहस छिड़ गई। आप और कांग्रेस विधायक आमने-सामने आ गए और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
3. कांग्रेस विधायकों ने जलाई 'झाड़ू', गले में काली पट्टी बांध जताया विरोध
सरकार के रवैये और प्रदेश की कानून-व्यवस्था से नाराज कांग्रेस विधायकों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया:
- आप के चुनाव चिन्ह का दहन: विधायकों ने आम आदमी पार्टी के चुनाव चिन्ह 'झाड़ू' को आग के हवाले कर दिया।
- काली पट्टी और पोस्टर: सभी कांग्रेस विधायक गले में काला कपड़ा पहने और सरकार विरोधी पोस्टर हाथ में लिए नज़र आए।
- इस्तीफे की मांग: विधायकों ने आरोप लगाया कि पंजाब में ड्रग्स (नशा) और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार चर्चा से भाग रही है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की।
इसे भी पढ़ेंः भीषण' रूप ले रहा चक्रवात 'अर्णव', 165 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं! ओडिशा-आंध्र में रेड अलर्ट जारी
4. शराब की बोतल लेकर पहुंचे बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू
हंगामे के बीच बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू एक महंगी शराब की बोतल लेकर विधानसभा परिसर के बाहर पहुंच गए, जिससे माहौल और गरमा गया।
बिट्टू ने मीडिया से कहा कि वह पहले मुख्यमंत्री आवास गए थे, लेकिन सीएम के विधानसभा में होने की जानकारी मिलने पर वे यहां आए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
"यह महंगी शराब की बोतल फ्रांस में रह गई थी, जिसे मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान को व्यक्तिगत रूप से सौंपने आया हूं। लेकिन मुझे अंदर जाने से रोका जा रहा है।"
सत्र के अंतिम दिन हुए इस घटनाक्रम ने पंजाब की सियासत में आप, कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी कड़वाहट को एक बार फिर सतह पर ला दिया है।
#PunjabAssembly #AAPvsCongress #SukhpalKhaira #PratapSinghBajwa #RavneetBittu #PunjabPolitics #ChandigarhNews #BhagwantMann #BreakingNews





