रांची।एक बार फिर राजधानी रांची में एटीएम में पैसे डालने वाली एजेंसी सीएमएस के कर्मी एक करोड़ 72 लाख 77 हजार से अधिक की रकम लेकर फुर्र हो गए।ये मामला 11 से 13 जुलाई के बीच का है।मामले का खुलासा सीएमएस कंपनी की तीन दिन की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है।इस संबंध में सीएमएस इंफो सिस्टम लिमिटेड कंपनी के रीजनल ऑपरेशन मैनेजर इंद्रनील सेन ने कस्टोडियन अमित कुमार मांझी, सुभाष चेल और ब्रांच मैनेजर अभिजीत कुमार पांडेय के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करायी है।आरोप लगाया गया है कि ब्रांच मैनेजर की मिलीभगत से दोनों आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया है।





पुलिस ने दर्ज एफआईआर के आधार पर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।पुलिस ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर छापेमारी भी की, लेकिन सभी फरार मिले।रीजनल मैनेजर ने बताया कि कंपनी सरकारी एवं गैर सरकारी बैंको से राशि प्राप्त कर विभिन्न एटीएम में डालने का काम करती है। रांची के 36 एटीएम में अमित कुमार मांझी और सुभाष चेल को राशि डालने के लिए कस्टोडियन बनाया गया था।





इन दोनों ने बैंक से पैसे भी उठाए। मगर पैसे एटीएम में डाले ही नहीं। जब दोनों बीते 14 को कार्यालय नहीं पहुंचे तब कंपनी ने 11 से 13 जुलाई तक की ऑडिट की। 15 जुलाई तक ऑडिट का काम चला। अब तक 25 एटीएम का ऑडिट किया गया। इसमें 1 करोड़ 72 लाख 77 हजार 900 रुपए का हिसाब नहीं मिला। इससे स्पष्ट है कि दोनों आरोपी यह राशि लेकर भाग निकले हैं। वहीं शेष 11 एटीएम का ऑडिट किया जा रहा है। आशंका है कि यह आंकड़ा और बढ़ेगा। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि इन दोनों ने ब्रांच मैनेजर की मिलीभगत से वारदात को अंजाम दिया है।





14 को अरगोड़ा में दर्ज हुआ था सनहा





रीजनल ऑपरेशन मैनेजर ने बताया कि आरोपी अमित व सूरज बीते 14 जुलाई को अरगोड़ा स्थित कंपनी के कार्यालय नहीं पहुंचे थे। जब दोनों से संपर्क किया गया तो उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ आने लगा। दोनों आरोपियों के घर भी कंपनी के लोग गए। मगर घर वालों को भी उनके बारे में कुछ पता नहीं चला। इसके बाद कंपनी की ओर से दोनों कस्टोडियन के खिलाफ अरगोड़ा थाने में सनहा दर्ज कराया गया।