प्रतिनिधि, सिंदरी।भारत की आजादी के उपरांत सिंदरी में पहला उर्वरक कारखाना (एफसीआईएल) लगाया गया,जिसमें हजारों की संख्या में कर्मचारी कार्यरत थे।कर्मचारियों को मनोरंजन सुविधा,आवासीय सुविधा,शिक्षण संस्था,स्वास्थ्य सुविधा,धार्मिक स्थल के साथ हर जरूरतमंद सुविधा दी गई थी। 2002 को कारखाने को बीमार घोषित करते हुए इसे बंद कर दिया गया।इसके साथ ही कारखाने द्वारा दी गई सब सुविधाओं पर लगाम लग गई। 11 एकड़ भूमि में 205 बेड़ का अस्पताल जहां हर तरीके का इलाज संभव था एवं अस्पताल में कार्यरत महिला स्टाफ के लिए बना नर्स हॉस्टल को भी बंद कर दिया गया। इसके साथ ही शहर की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई।करोना के वक्त स्वास्थ्य व्यवस्था के अभाव में कई लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। प्रधानमंत्री ने ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत नए नीम कोटेड उर्वरक कारखाने हर्ल का सिंदरी पर निर्माण हुआ,जिसमें कार्यरत कर्मचारियों के स्वास्थ्य के लिए शहर में कोई अच्छी सुविधा उपलब्ध नहीं थी।साथ ही पूर्व कर्मियों और उनके आश्रितों का भी इलाज का प्रबंध शहर में नहीं के बराबर था।





बंद पड़े मुख्य अस्पताल को विभिन्न पार्टीयों के कार्यकर्ताओं एवं समाजसेवी जनप्रतिनिधियों ने खोलवाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार तक हर स्तर से पहल की थी। 2003 में धनबाद उपायुक्त नितिन कुलकर्णी ने भी सिंदरी में स्वास्थ्य सेवा बहाल करने के लिए काफी प्रयास किया था। 20 वर्षों बाद सरकार ने इसे संज्ञान लेते हुए कुछ शर्तों के साथ 30 वर्षों की लीज पर अस्पताल भवन को जीर्णोद्धार कर खोलने की निविदा जारी की, जिसका सिंदरी के लोगों ने पुरजोर स्वागत किया।





विधानसभा में अस्पताल को खुलवाने की मांग रखी





2021 में झारखंड विधानसभा के शून्य काल के पंचम बजट सत्र में सिंदरी विधायक इंद्रजीत महतो ने एफसीआईएल अस्पताल अभिलंब चालू कराने की मांग रखी थी। वहीं मासस, आरजेडी, कांग्रेस व अन्य पार्टियों के प्रतिनिधियों ने अस्पताल खुलवाने के यथासंभव प्रयास किए थें।





सामाजिक कार्यकर्ता,जिसमें वीएसएस एम्पलाई वेलफेयर संगठन के अध्यक्ष सेवा सिंह ने भी केंद्र और राज्य सरकार से पत्राचार कर अस्पताल खुलवाने की समय-समय पर मांग की थी। उन्होंने एफसीआईएल ओएसडी शेखावत को आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति पूर्व कर्मियों एवं उनके आश्रितों को रियायत दर पर इलाज व दवा का प्रबंध होगा,यह प्रशंसनीय है।सिंदरी चेंबर्स ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष दीपक कुमार दीपू ने उपायुक्त को ज्ञापन देकर सिंदरी में अस्पताल द्वारा स्वास्थ्य एवं बहाल करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि एफसीआईएल द्वारा उठाया गया कदम,जिसमें सिंदरी की जनता को सस्ता इलाज एवं सस्ती दवा का प्रावधान है, यह स्वागत योग्य है ,साथ ही सिंदरी की जनता के लिए आउटडोर चिकित्सा एवं दवा निशुल्क का प्रावधान हो।