खूंटी।कर्रा प्रखंड में भू-स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन सर्वे का विरोध शुरू हो गया है।रविवार को पोड़ा कुसुम टोली मैदान में संयुक्त पड़हा संघ के बैनर तले ग्रामीण एकत्र हुए।ग्रामीणों ने ड्रोन सर्वे का विरोध करने का निर्णय किया।

समाजसेवी दयामनी बारला ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र पांचवीं अनुसूची, CNT-SPT एक्ट और विल्किनशन रुल के अंतर्गत आता है।जिसमें जल, जंगल, जमीन पर ग्रामसभा का स्वामित्व है। ग्रामीणों के जानकारी के बिना ही ड्रोन सर्वे के माध्यम से गांव में सर्वे किया जा रहा है।

दयामनी ने कहा कि गांव में चोरी-छिपे अचानक टीम आती है और सर्वे करना शुरू कर देती है।इस सर्वे को लेकर ग्रामीणों के मन में कई सवाल है।उन्होंने कहा कि बिना ग्रामीणों की जानकारी में सर्वे का कार्य कराया जा रहा है। यहां के आदिवासी-मूलवासी को छला जा रहा है। यहां के जल, जंगल और जमीन पर आदिवासी-मूलवासी गांव वालों का अधिकार है।कुछ समय पहले ही सरकार ने खतियान को ऑनलाइन किया है।जिसकी गड़बड़ी से आज तक लोग उबर नहीं पाये हैं।

संगा पड़हा राजा सोमा मुंडा ने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत किसी भी हाल में ड्रोन कैमरे से गांव का सर्वे नही करने दिया जायेगा। गांव का मालिकाना अधिकार ग्रामसभा को है। झारखंड सरकार स्वामित्व योजना से गांव का मालिकाना अधिकार छिनना चाहती है। सतन देवी ने स्वामित्व कार्ड बनने से लोगों का अपना स्वामित्व खत्म होने की आशंका है।
इस बैठक में ग्रामीणों ने सर्वे करने आने वाली टीमों को खदेड़ने का निर्णय लिया।ग्रामीणों ने सर्वे के विरोध में आंदोलन को और तेज करेंगे।

बैठक का संचालन अलबर्ट होरो और अनूप कुजूर ने किया।धन्यवाद ज्ञापन होरो पड़हा राज सुनील होरो ने किया. मौके पर देवान सुखराम होरो, महादेव मुंडा, रोयल बाखला, जॉनसन होरो, जोसेफ होरो, अषोक गुड़िया सहित अन्य लोग मौजूद थे।