रांची।बड़े पैमाने पर पैसों के साथ पकड़े गए कांग्रेस के तीनों विधायक डॉ इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप को रविवार को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।इनके साथ रहे दो अन्य को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया,जहां 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।कांग्रेस ने तीनों विधायक को निलंबित कर दिया है।पार्टी के विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह ने रांची के अरगोड़ा थाना में तीनों विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी है।





तीनों विधायक शनिवार की शाम लगभग 49 लाख रुपए के साथ हिरासत में लिए गए थे।पुलिस पूछताछ में तीनों विधायक बरामद रुपए का स्रोत नहीं बता सके। रुपए कहां से आए, किस लिए आए, इसमें तीनों के अलग-अलग बयान की बात सामने आयी। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार गया।





हावड़ा ग्रामीण एसपी स्वाति भंगालिया ने बताया कि तीनों विधायक समेत पांच पर आईपीसी की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी है। आयकर विभाग को भी अलग से जांच के लिए कहा गया है।





क्या है मामला



आपको बता दें कि गुप्त सूचना के आधार पर हावड़ा ग्रामीण पुलिस ने तीनों विधायकों को पांचला थाना क्षेत्र के रानीहाटी मोड़ के पास वाहन जांच के दौरान नकदी के साथ हिरासत में लिया था। नकदी इरफान की गाड़ी से मिली थी, जिसमें तीनों विधायक थे। इरफान अंसारी ने दावा किया था कि साड़ी खरीदने बड़ा बाजार आते हैं और उसी से जुड़ा यह पैसा है।





बच निकले दो विधायक व महिला विधायक का भाई





रुपए के साथ तीनों विधायक तो पकड़े गए, लेकिन उनकी गाड़ी के पीछे दूसरी गाड़ी में बैठे कांग्रेस के दो विधायक और एक महिला विधायक का भाई भाग निकले। ये सभी एक साथ शुक्रवार को रांची से कोलकाता और वहां से गुवाहाटी गए थे। शनिवार को सभी कोलकाता लौटे थे। इसके बाद उन्हें झारखंड लौटना था।सूत्रों की अगर मानी जाए तो कई अन्य विधायकों को भी गुवाहाटी जाना था,लेकिन तीनों विधायकों के पकड़े जाने से मामला सामने आ गया।





रखी जा रही थी नजर





सूत्रों से खबर है कि राष्ट्रपति चुनाव के पहले से ही कांग्रेस अपने विधायकों पर नजर बना रखी थी।कौन कहां जा रहा है,किससे मिल रहा है, किसके संपर्क में हैं। राष्ट्रपति चुनाव चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद विधायकों पर हर कदम पर पार्टी से लेकर सरकार तक नजर बना रखी थी।





सत्ता हासिल करने के लिए रचा जा रहा था षणयंत्र





पूरे मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा की केंद्रीय समिति सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी दो साल से हेमंत सरकार गिराने की पटकथा लिखने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता झारखंड की चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार को येन-केन प्रकारेण गिरा कर राज्य में सत्ता हासिल करने का षड़यंत्र रच रहे हैं।





कांग्रेस और झामुमो भटका रहे जनता का ध्यान





झारखंड भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि जहां-जहां कांग्रेस की मिली जुली सरकार,वहां पर पैसों की बरसात हो रही। कांग्रेस और झामुमो जनता का ध्यान भटकाना बंद करें। उन्होंने कहा कि झारखंड की सत्ताधारी पार्टियां भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है। रोज नए मामले उजागर हो रहे। ईडी की जांच लगातार चल रही।





खरीदने और बिकने वाले पर हो कार्रवाई





झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि इस केस में बिकने और खरीदने वाले दोनों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायकों को भाजपा की ओर से दस-दस करोड़ रुपए का ऑफर था। कुछ को मंत्री बनाने का भी प्रलोभन दिया गया था।