वाराणसी।बदले हुए मौसम में सियासी माहौल भी बदल रहा है।कांग्रेस उत्तर प्रदेश 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर लगातार अपनी रणनीति बदल कर बना रही है।कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा गांधी की अगुवाई में यूपी में कांग्रेस एक मजबूत विकल्प के तौर पर उभरने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। आध्यात्मिक नगरी काशी में पहले दो अक्टूबर गांधी जयंती पर प्रियंका की रैली आयोजित की गई थी।पितृपक्ष की वजह से इसकी तारीख को बदल कर दस अक्टूबर किया गया और प्रतिज्ञा रैली नाम रखा गया।लखीमपुर खीरी में हुए हिंसात्मक बवाल के बाद जिस तरह से भाजपा थोड़ा बैकफुट पर आई तो कांग्रेस ने एक बार फिर से किसानों के मुद्दे को उठाने के लिए कमर कसकर तैयारी कर ली है।कांग्रेस की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रविवार को होने वाली प्रतिज्ञा रैली अब किसान न्याय रैली में बदल गई है।



आपको बता दें कि लखीमपुर खीरी जाने से पहले प्रियंका गांधी को सीतापुर जिले के पीएसी गेस्ट हाउस में 60 घंटे तक हिरासत में रखा गया था।हिरासत में रहने के दौरान प्रियंका ने अपना एक झाड़ू लगाते हुए वीडियो जारी किया। प्रियंका के इस वीडियो के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक चैनल पर बयान दिया कि लोगों ने उनको अब इसी लायक छोड़ा है।सीएम योगी के इस बयान को कांग्रेस ने तुरंत लोक लिया और महिला व वाल्मीकि समाज के सम्मान के साथ जोड़ते हुए व्‍यापक प्रदर्शन शुरू कर दिया। लखीमपुर खीरी में किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर कुचलने का आरोप केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा पर लगा।इस मामले में अभी तक गिरफ्तारी न होने से भाजपा ने कांग्रेस के हाथों में एक और मुद्दा दे दिया।इस लिए प्रतिज्ञा रैली अब किसान न्याय रैली में बदल गयी है।प्रियंका इस रैली में आरोपियों की गिरफ्तारी,गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को मंत्रीपद से हटाने और कृषि कानूनों की वापसी के मुद्दे को उठाएंगी।इसी बहाने प्रियंका ने किसान आंदोलन को पश्चिम यूपी से पूरबी यूपी की तरफ खड़ा करने की रणनीति बनाई हैं।बंगाल में कुछ महीने पहले हुए चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत खराब रहा था। कांग्रेस पर आरोप भी लगे थे कि पर्दे के पीछे से ममता बनर्जी के पक्ष में माहौल बनाया।उत्तर प्रदेश में 2022 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का खराब प्रदर्शन सीधे प्रियंका की क्षमता पर सवाल खड़ा करेगा।इसको देखते हुए कांग्रेस पूरे दमखम के साथ जनता का विकल्प बनने का फैसला किया है और इसके लिए कांग्रेस प्रियंका की रैली में लखीमपुर खीरी में हुए हिंसात्मक बवाल के बहाने किसान आंदोलन को पूर्वांचल में पूरी तकात से फूंक-फूंक कर हवा देगी।



आध्यात्मिक नगरी काशी के दौरे के लिए जिला कांग्रेस ने जो कार्यक्रम और रूट प्लान तैयार कर प्रशासन को भेजा है,उसके अनुसार कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट है। बाबतपुर हवाई अड्डे से रोहनिया रैली स्थल कैंट होते हुए सीधे जा सकते है प्रियंका का रूट काशी के अधिकतर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों से होते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर,दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्माण्डा के मंदिर से होते हुए जाएगा। नवरात्र के दिनों में प्रियंका मां कुष्मांडा के दुर्गाकुंड मंदिर में दर्शन कर पूजा अर्चना करेंगी और इसके बाद रोहनिया के जगतपुर इंटर कॉलेज में किसान न्याय रैली करेंगी।किसान न्याय रैली के मंच पर छत्‍तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी नजर आ सकते है।



प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने बताया कि बनारस के जगतपुर इण्टर कालेज में आयोजित किसान न्याय रैली में कांग्रेस महासचिव-प्रभारी उत्तर प्रदेश श्रीमती प्रियंका गांधी किसानों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेगीं। रैली की तैयारियों के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग में वार रूम बनाया गया है।उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दो दिन पहले से ही बनारस में रैली की तैयारियों को लेकर कैम्प कर रहे हैं।लगातार कार्यकर्ताओं को तैयारी संबंधी दिशा निर्देश जारी कर रहे हैं और खुद भी मौके पर जाकर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। राष्ट्रीय सचिव-सह प्रभारी श्री धीरज गुर्जर भी कल ही तैयारियों का जायजा लेने के लिए कैम्प कर चुके हैं, राष्ट्रीय सचिव रोहित चैधरी, राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल भी पहले ही पहुँच चुकें हैं।



रैली को सफल बनाने के लिए कांग्रेस की नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा मोना, नेता विधान परिषद दीपक सिंह, पूर्व मंत्री व मीडिया विभाग के चेयरमैन नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व विधायक पंकज मलिक, पूर्व सांसद राजेश मिश्रा पूर्व राज्यसभा सदस्य पीएल पुनिया उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉ निर्मल खत्री, पूर्व विधायक अजय राय सहित अन्य पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व सांसद और पूर्व विधायक वाराणसी पहुंच चुकें हैं।