मथुरा।योगी सरकार वृंदावन का वैभव बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत है।वृंदावन में श्रीकृष्ण के लीला स्थल और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों का कायाकल्प करने का खाका तैयार किया गया।करोड़ों रुपए की योजनाओं से वृंदावन में विकास कार्य कराए जा रहे है और कई कार्य पूरे भी हो चुके है।जिससे श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।इसका सीधा असर वृंदावन में बने मंदिरों, तीर्थ स्थानों पर दिखाई दे रहा है।मंदिरों में क्षमता से अधिक श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंच रहे है।ऐसे में अब वृंदावन के लोग काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर की तरह बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर की मांग करने लगे है।





मंदिर की खूबसूरती में लगेंगे चार चांद





ब्रज मंडल हेरिटेज कंजर्वेशन सोसाइटी के महासचिव ब्रज खंडेलवाल का कहना है कि वृंदावन की कुंज गलियां ही ब्रज की संस्कृति की खूबसूरती है।वृंदावन में लगभग 500 छोटे- बड़े मंदिर है। कहा जा सकता है कि हर घर में मंदिर बना हुआ है। बांके बिहारी मंदिर में हजारों श्रद्धालु दर्शन को आते है। महत्वपूर्ण तारीखों पर यह संख्या पांच लाख तक पहुंच जाती है।ऐसे में अगर बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर बनता है तो मंदिर के स्वरूप में निखार आयेगा। उन्होंने कहा कि देश में अनेक मंदिरों में कॉरिडोर की मौजूदगी ने मंदिर की व्यवस्था और खूबसूरती में चार चांद लगा दिए हैं। अगर बांके बिहारी मंदिर में कॉरिडोर का निर्माण होता है, तो उसके साथ ही वहां पर श्रद्धालुओं के लिए जन सुविधाओं में भी इजाफा होगा।इन व्यवस्थाओं को करने में समय लगेगा। इससे पहले मंदिर की क्षमता के हिसाब से मंदिर की केयरिंग कैपेसिटी निर्धारित कर मंदिर में प्रवेश दिया जाने की व्यवस्था करना भी बेहद जरूरी है।





ब्रज की विरासत और संस्कृति का हो रहा संरक्षण





भगवान श्रीकृष्ण और श्री राधा रानी की लीलास्थली रहे पवित्र ब्रज भूमि को श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आस्था का केन्द्र माना जाता है।पूरे साल यहां देश और विदेश के पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है।इसमें ब्रज क्षेत्र के आठ (वृन्दावन, बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन, राधाकुण्ड, गोकुल, बल्देव)स्थल धार्मिक लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण और प्रमुख हैं। ब्रज की इन धरोहरों पुनर्प्रतिष्ठा के उद्देश्य से ही योगी सरकार ने 2018 में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद का गठन किया। 2018 से 2022 तक सरकार ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की करीब 95 योजनाएं स्वीकृत की।इनमें से 75 फीसदी योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका हैं।





उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के डिप्टी सीईओ पंकज वर्मा ने बताया कि मथुरा जनपद की सीमा में आने वाली जगहों का नियोजित, समन्वित और सर्वांगीण विकास परिषद द्वारा कराया जा रहा है।ब्रज की विरासत और संस्कृति के संरक्षण के लिए गठन के बाद से ही ब्रज तीर्थ विकास परिषद लगातार काम कर रहा है। समय- समय पर परिषद द्वारा सर्वे और अध्ययन करके ब्रज विकास योजना तैयार की जाती है।





शानदार एक्सप्रेसवे और हाईवे बना मथुरा- वृंदावन में भीड़ का मुख्य कारण





वृंदावन आने में अब श्रद्धालुओं को ज्यादा समय नही लगता है।योगी सरकार ने शानदार एक्सप्रेसवे और हाईवे का निर्माण कराया है। इसके चलते ब्रज तीर्थ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सहुलियत हो गई है।दिल्ली, हरियाणा और एनसीआर से आने वाले श्रद्धालु डेढ़- दो घंटे में ही वृंदावन पहुंच जाते हैं। यही कारण है कि अब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, एकादशी और अन्य महत्वपूर्ण तारीखों और वीकेंड पर लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। अब ये सुविधा वृंदावन सहित अन्य तीर्थ स्थल पर बढ़ने वाली भीड़ का कारण बन रही है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि आस्था का सैलाब रोकना तो मुश्किल है, लेकिन अगर व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए तो बेहतर होगा।





प्रस्ताव पर हो रहा काम





श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बांके बिहारी मंदिर में भीड़ के दबाव के बाद अब शासन और प्रशासन स्तर पर मंदिर के लिए कॉरिडोर को लेकर गंभीरता से मंथन किया जा रहा है। जिला प्रशासन तथ्य जुटाते हुए काशी विश्वनाथ की तर्ज पर कॉरिडोर बनाए जाने का प्रस्ताव बनाने में लगा हुआ है।