रांची।झारखंड में कांग्रेस में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है।कैश कांड मामले में कांग्रेस के तीन विधायक अभी सलाखों के पीछे हैं।कांग्रेस के प्रभारी ने कांग्रेस कोटे के मंत्रियों के फेरबदल का भी संकेत पहले ही दे दिया हैं।झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र भी समाप्त हो गया है तो अब इस दिशा में बात भी आगे बढ़ेगी।कांग्रेस विधायक दल की हुई बैठक में सारे गिले-शिकवे दूर किए जाने की बात आ रही है, लेकिन कांग्रेस में मंत्री पद के बदलाव के बाद भी फूट पड़ने की संभावना है।





पार्टी कांग्रेस कोटे के चार मंत्रियों में से दो या तीन को बदलने का मन बना रही है।इनकी जगह दो या तीन विधायकों को मंत्री बनने का मौका मिलेगा।जो विधायक मंत्री नहीं बन सकेंगे या जिन्हें मंत्री पद से हटना पड़ेगा वो विरोध की आवाज बुलंद कर सकते हैं।राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस के 9 से 10 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी।कैश कांड में भी कई अन्य विधायकों के भी शामिल होने की पार्टी को आंतरिक सूचना मिली है।





पार्टी रिपोर्ट के मुताबिक जो विधायक न क्रॉस वोटिंग में शामिल थे और न ही कैश कांड में शामिल हैं, उनको पार्टी के साथ खड़े रहने के लिए मंत्री पद मिल सकता है।पार्टी उनको शॉर्ट लिस्ट कर रही है।जो विधायक दोनों में शामिल थे उनको मंत्री पद मिलने की कोई संभावना नहीं है।हालांकि ऐसे विधायक क्रॉस वोटिंग और कैश कांड में शामिल होने से इनकार भी कर रहे हैं।कैश कांड में जेल गए तीन विधायकों का बयान अन्य विधायकों का भविष्य तय करेगा।सरकार अगर इसमें किसी रूप में शामिल विधायकों को मंत्री बनाती है तो अन्य विधायकों में रोष पनपेगा और फूट की संभावना बढ़ेगी। ऐसे में पार्टी मंत्रिमंडल में फेरबदल की प्रक्रिया आगे भी बढ़ा सकती है।





सीबीआई का विरोध करने वालों को भी इसी पर भरोसा





कांग्रेस सीबीआई के दुरुपयोग का केंद्र सरकार पर लगातार आरोप लगाती रही है। कैश कांड में फंसे पार्टी के तीनों विधायकों ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की कोलकाता हाईकोर्ट से अपील भी की।सवाल है कि क्या कांग्रेस विधायकों को बंगाल पुलिस और वहां की सीआईडी की जांच पर भरोसा नहीं है,क्या सीबीआई जो खुलासा करेगी वह सीआईडी नहीं कर सकेगी या फिर जांच में दबाव बनाया जा रहा है। सीआईडी को जांच में झारखंड सरकार का भी सहयोग मिल रहा है। ऐसे में कांग्रेस के विधायकों की ओर से सीबीआई जांच की मांग करना कई सवाल पैदा करता है।





कांग्रेस के पास हैं 18 विधायक





कांग्रेस के पास विधायक प्रदीप यादव समेत 18 विधायक हैं। प्रदीप यादव को झारखंड विधानसभा से अभी कांग्रेस विधायक की मान्यता नहीं मिली है। इस आधार पर कांग्रेस के अपने 17 विधायक हैं। इनमें से आलमगीर आलम, डॉ रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता बादल राज्य सरकार में मंत्री हैं, जबकि तीन विधायक डॉ इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोंगाड़ी और राजेश कच्छप कैश कांड में जेल में बंद हैं। ऐसे में जेल में बंद विधायकों को छोड़ अन्य 10-11 विधायकों में से ही दो या तीन विधायकों को मंत्री पद मिल सकता है।