लखनऊ।जरायम की दुनिया का बेताज बादशाह बांदा जेल में बंद गैंगस्टर मुख्तार अंसारी का भगोड़ा घोषित बेटा सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी ने शस्त्र लाइसेंस में फर्जीवाड़ा मामले में अग्रिम जमानत के लिए शुक्रवार को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच की शरण ली।कल गुरुवार को ही एमपी-एमएलए कोर्ट ने अब्बास अंसारी को भगोड़ा घोषित किया था। बरहाल हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और अब्बास अंसारी के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद कहा कि वह अपना फैसला सुरक्षित करती है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने अब्बास अंसारी की अग्रिम जमानत याचिका पर पारित किया। याचिका का राज्य सरकार की ओर से विरोध किया गया। कहा गया कि अभियुक्त का आपराधिक इतिहास है और उसके पास से बरामद असलहों,कारतूसों का उसके पास कोई जवाब नहीं है।
कल गुरुवार को एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम अम्बरीष कुमार श्रीवास्तव ने अब्बास अंसारी को भगोड़ा घोषित करने के साथ ही आईपीसी की धारा 82 की कार्यवाही करने का भी आदेश दिया था। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 26 सितम्बर की तारीख निर्धारित की है।
राजधानी लखनऊ के महानगर इंस्पेक्टर केके तिवारी ने कोर्ट के समक्ष दूसरी बार अपनी रिपोर्ट के साथ अब्बास अंसारी को फरार घोषित करने की मांग वाली अर्जी वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अवधेश सिंह के जरिए दी थी। इसमें पुलिस ने लिखा था कि अब्बास अंसारी के खिलाफ गैरजमानती वारन्ट जारी होने के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में आरोपित को तलाशने के लिए कई जगह दबिश दी। इनमें किसी भी स्थान पर अब्बास अंसारी या उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं मिला।





