गोस्सनर काॅलेज का गोल्डन जुबली समारोह शुरू,सीएम हेमंत भी पहुंचे
गोस्सनर कॉलेज का गोल्डन जुबली समारोह शुरू,सीएम हेमंत भी पहुंचे <Br/> <Br/>
sanjay kumar📍 रांची, झारखंड

रांची।गोस्सनर कॉलेज की स्थापना के 50 साल पूरा होने पर दो दिन का गोल्डन जुबिली समारोह मनाया जा रहा है।इस दो दिन के समारोह के पहले दिन बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी पहुंचे।उन्होंने कहा कि मिशन का कोरोना संक्रमण काल में आदिवासी,पिछड़ों, अल्पसंख्यक समेत अन्य के लिए सराहनीय सहयोग रहा।झारखण्ड में शिक्षा के स्तर को देखा जाए तो 50% से अधिक योगदान मिशन का रहा है।मिशन स्कूल और कॉलेज में अनुशासन और सम्मान के साथ शिक्षा दी जा रही है। आज गोस्सनर कॉलेज ने अपने 50 स्वर्णिम वर्ष पूर्ण कर लिए हैं, इसके लिए सभी छात्रों और शक्षिकों को शुभकामनाएं।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि यहां दी जा रही अच्छी शिक्षा का परिणाम है कि कॉलेज में 27 विभाग और हजारों छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों को तराशने में शिक्षक बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। झारखण्ड का पिछड़ापन सिर्फ शिक्षा का दंश को झेल रहा है। राज्य में अच्छी शिक्षा के लिए सरकार की ओर से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। झारखण्ड पिछले डेढ़ वर्ष से संक्रमण में फंसा रहा। अब समय सामान्य हो रहा है। इससे शिक्षा भी प्रभावित हुई।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि ऑनलाइन क्लास का सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। ये बच्चों के लिए चुनौती लेकर खड़ा है। लेकिन झारखण्ड जैसे राज्य ने कोरोना महामारी के खिलाफ जिस तरह से लड़ाई लड़ी वो सराहनीय है। एकीकृत बिहार के समय एक नवंबर 1971 से अल्पसंख्यक समाज को शिक्षित करने के उद्देश्य से कॉलेज की शुरुआत बेथेसदा स्कूल कैंपस से की गयी थी। ये कॉलेज अब 28 डिपार्टमेंट, 200 से ज्यादा कर्मचारी और 13000 छात्रों जैसा वृहद रूप ले चुका है।
आपको बताते चले कि 1 नवंबर 1971 को गोस्सनर कॉलेज की स्थापना हुई थी। बिहार सरकार की ओर से अल्पसंख्यकों के लिए चलाया जाने वाला ये पहला कॉलेज है।इसकी शुरुआत बेथेसदा से हुई थी,जो आज बेथेसदा स्कूल के रूप में मौजूद है।इस कॉलेज की शुरुआत मात्र 56 रुपये 50 पैसे से हुई थी। इसके संस्थापक निर्मल मिंज आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन कॉलेज आज भी उनके अनुशासन पर चलता है।अनुसूचित जाति और जनजाति के उत्थान के लिए उन्लूथरन चर्च की मदद से इसकी शुरुआत की गई, कॉलेज में अभी 28 विभाग, 200 से ज्यादा कर्मचारी हैं और विद्यार्थियों की संख्या 13000 से ऊपर है। अपने बल्ले से जादू दिखाने वाले क्रिकेटर महेंद्र सिंह धौनी भी इस कॉलेज के छात्र रहे हैं। मास कम्युनिकेशन वीडियो प्रोडक्शन की प्रो महिमा गोल्डन ने बताया कि कॉलेज का पहला मॉडल प्रदर्शनी में रखा जाएगा।
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