रांची।ग्रामीण क्षेत्रों का हर घर बिजली से रोशन हो इसके लिए हर तक कनेक्शन पहुंचे और केंद्र तथा राज्य सरकार की विद्युतीकरण से जुड़ी योजनाओं का अंतिम व्यक्ति लाभ उठा सके इसके लिए जिला स्तर पर कमेटी का गठन किया जाएगा। इस बारे झारखंड सरकार ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि विगत पांच वर्षों में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, समेकित ऊर्जा विकास योजना, प्रधानमंत्री हर घर बिजली सौभाग्य योजना और ग्रामीण विद्युतीकरण योजना से जुड़ी चुनौतियों से निपटने और आधुनिकरण के लिए तीन लाख करोड़ रुपये की नई योजना रिवैम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम को अधिसूचित किया गया है।

इन योजनाओं में अधिक से अधिक सब स्टेशन की स्थापना और वर्तमान सब स्टेशनों को अपग्रेड करना और जन भागीदारी एवं निगरानी सुनिश्चित करना है। योजनाओं के मॉनिटरिंग के लिये हर जिला के लिए जिला विद्युत समिति का गठन किया गया है।

जिला विद्युत समिति में जिले के वरीयतम सांसद अध्यक्ष, जिले के अन्य सासंदगण सह-अध्यक्ष, जिला उपायुक्त सदस्य सचिव और जिला पंचायत अध्यक्ष या सभापति, जिले के विधायक गण, संबंधित जिला में विद्युत मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के वरिष्ठ प्रतिनिधि या उनके द्वारा नामित जिला अधिकारी सदस्य के रूप में होंगे। साथ ही संबंधित जिला के मुख्य अभियंता या अधीक्षण अभियंता, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के संयोजक होंगे।

समिति सरकार की योजनाओं के अनुसार जिले में बिजली आपूर्ति के आधारभूत संरचना के समग्र विकास की समीक्षा और समन्वय स्थापित करने के लिए समिति तीन महीने में कम से कम एक बार जिला मुख्यालय में बैठक करेगी। जिसमें सभी योजनाएं, उनकी प्रगति एवं गुणवत्ता के मुद्दे, नेटवर्क के नियमित संचालन रखरखाव के लिये उपकरण वितरण नेटवर्क का विकास, बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता, विश्वसनीयता पर प्रभाव, कार्य के मानक उपभोक्ता सेवा - आपूर्ति की गुणवत्ता, शिकायत और शिकायत निवारण प्रणाली के अलावे अन्य संबंधित मामलों की भी समीक्षा की जाएगी। ज्ञात है कि नियमित रूप से बैठकों का संचालन और समय पर कार्यवाही करना संयोजक एवं सदस्य सचिव की जवाबदेही होगी।