ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में हुए भीषण सड़क हादसे को लेकर राज्य सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना में प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर बरती गई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कुल 9 पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इसके तहत झांसी रोड के सीएसपी (CSP) को उनके पद से हटा दिया गया है, जबकि 3 थाना प्रभारियों समेत 9 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

किन-किन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज?

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन द्वारा जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, उनकी सूची इस प्रकार है:

  • रवि भदौरिया (सीएसपी, झांसी रोड): इन्हें पद से हटा दिया गया है।
  • शक्ति सिंह यादव (थाना प्रभारी, झांसी रोड)
  • गीतेश शर्मा (थाना प्रभारी, आंतरी)
  • अभिषेक रघुवंशी (ट्रैफिक थाना प्रभारी, झांसी रोड)
  • राघवेंद्र जादौन (निरीक्षक यातायात)
  • सुशील द्विवेदी (प्रधान आरक्षक)
  • किशन खन्ना (आरक्षक)
  • अनिल जैतपुरिया (आरक्षक)
  • पवन सेंगर (आरक्षक)

इन सभी पुलिसकर्मियों को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है।

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'श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि'

घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि "श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार के लिए सर्वोपरि है। कर्तव्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहां भी जवाबदेही तय होगी, वहां कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"

आर्थिक सहायता और घायलों के इलाज की घोषणा

मुख्यमंत्री ने इससे पहले हादसे के पीड़ितों के लिए मुआवजे और सहायता का ऐलान किया था:

  • मृतकों के परिजनों को: 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता।
  • गंभीर घायलों को: 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता।
  • सामान्य घायलों को: 50-50 हजार रुपये की सहायता।
  • निशुल्क उपचार: सभी घायलों का सारा इलाज सरकार द्वारा पूरी तरह नि:शुल्क कराया जाएगा।

राहत कार्यों की मॉनिटरिंग और संवेदनशीलता

यह भीषण हादसा ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुआ था, जिसमें प्रभावित परिवार मुख्य रूप से ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर जिलों से संबंधित हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीएम ने प्रदेश सरकार के मंत्री एदल सिंह कंषाना और मंत्री राकेश शुक्ला को तुरंत ग्वालियर पहुंचने के निर्देश दिए थे ताकि राहत कार्यों की खुद निगरानी की जा सके।

मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से प्रार्थना की है कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें, शोकाकुल परिजनों को यह वज्रपात सहने की शक्ति प्रदान करें और सभी घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ दें।

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