रांची। झारखंड के दुमका में अंकिता सिंह को पेट्रोल छिड़क कर जिंदा जलाने के मामले को झारखंड हाइकोर्ट ने गंभीरता से लिया है और उसे पीआईएल में तब्दील कर दिया है। मंगलवार को चीफ जस्टिस डॉ. रविरंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने पुलिस महानिदेशक को अंकिता सिंह के परिजनों को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है।साथ ही जल्द चार्जशीट दायर करने को कहा है।
हाइकोर्ट ने कहा कि ये अमानवीय घटना है।वह इस मामले की स्वयं मॉनिटरिंग करेगा।अधिकारियों को पीड़िता की जिंदगी बचाने के लिए और तेजी से कदम उठाना चाहिए था।कोर्ट ने पूछा कि अंकिता को इलाज के लिए रिम्स लाने में जो समय बर्बाद हुआ उस दौरान देवघर एम्स में इलाज क्यों नहीं कराया गया।इस बिंदु पर केंद्र को जवाब दायर करने का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने राज्य सरकार को भी जवाब देने के लिए कहा है। अगली सुनवाई नौ सितंबर को होगी।खंडपीठ के निर्देश पर डीजीपी नीरज सिन्हा उपस्थित हुए।
जांच के लिए एसआईटी गठित
अंकिता सिंह हत्या मामले के दो आरोपी शाहरुख हुसैन और उसके सहयोगी मो नईम को जेल भेजा जा चुका है।दमका एसपी अंबर लकड़ा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है।टीम को निर्देश दिया गया है कि वह अनुसंधान कर कोर्ट में आरोप पत्र समर्पित करे। स्पीडी ट्रायल के लिए कोर्ट में आवेदन सौंपे।
सैंपल कलेक्ट
फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री और फिंगर प्रिंट ब्यूरो के एक्सपर्ट भी दुमका पहुंचे हैं। सीआईडी डीएसपी संदीप के नेतृत्व में पहुंची टीम ने बारीकी से सैंपल कलेक्ट किया।टीम ने धुएं के कारण दीवारों पर जमी कालिख,जले कपड़े, पर्दे सहित अन्य सैंपल की जांच की।कमरे की खिड़कियों को देखा,जहां अंकिता सोयी थी।
एडीजी मीणा ने किया कैंप
सरकार के निर्देश पर एडीजी (मुख्यालय) मुरारी लाल मीणा और सीआईडी आईजी असीम विक्रांत मिंज दुमका में कैंप कर रहे हैं।सोमवार को दुमका पहुंचने के बाद वे अंकिता के घर गये थे।





