रांची।कोलकाता में झारखंड के तीन विधायकों की गिरफ्तारी के बाद झारखंड में सियासी पारा चढ़ गया है।पुलिस पूछताछ में तीनों विधायकों ने कई राज खोले हैं,तो वहीं कांग्रेस आलाकमान भी इस मामले पर गंभीर है।कोलकाता कैश कांड के बाद आला नेताओं की सोमवार को बैठक हुई़।बैठक में पार्टी प्रभारी अविनाश पांडेय और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पूरे मामले से राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को अवगत कराया है।पार्टी के आला नेता किसी भी तरह से समझौते के मूड में नहीं है।कांग्रेस आलाकमान हेमंत सोरेन सरकार में शामिल पार्टी कोटे के मंत्रियों को अब बदलने के मूड में है़।





पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार झारखंड विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद पार्टी इस मामले में निर्णय कर सकती है।मंत्रिमंडल में शामिल दो या तीन मंत्री बदले जायेंगे़ और किसी न‌ए चेहरे को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है।कांग्रेस नेतृत्व को जानकारी मिली है कि एक मंत्री भी पाला बदलने की तैयारी में थे।इसके साथ ही पार्टी के पांच विधायक संदेह के घेरे में हैं और ये लोग हाल के दिनों में चली मुहिम का हिस्सा थे।इनकी लगातार बातचीत हो रही थी।





कोलकाता पुलिस से भी मिला है इनपुट





कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व ने अपने स्तर से जानकारी हासिल की है़ कि तीनों विधायकों के कॉल डिटेल्स और मैसेज खंगाले गए है़ं।पार्टी नेतृत्व ने इस संबंध में पता लगाया है कि इनकी किससे-किससे बात हुई है़।कोलकाता में कैश के साथ पकड़े गए विधायकों से पूछताछ में कई मामलों का खुलासा हुआ है़। इसमें जानकारी सामने आयी है कि एक मंत्री सहित चार विधायक संपर्क में थे़।एक महिला विधायक भी इस गुट में है।





कोलकाता और असम से आई 50-50 कॉल





कोलकाता और असम से विधायकों और उनके करीबियों के पास 50-50 कॉल आई। पूरे मामले की जानकारी कांग्रेस के आला नेताओं को है। पार्टी ने मामले की गंभीरता भांप ली है। पूरे मामले में क्रॉस वोटिंग से ही प्लान तैयार हो गया था। इसके बाद से कांग्रेस डैमेज कंट्रोल में जुटी थी,लेकिन तबतक मामला बढ़ गया था।