रांची।झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार को गिराने के षणयंत्र से जुड़े कैश कांड मामले में बंगाल CID ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। CID टीम ने कांग्रेस के निलंबित तीनों विधायक इरफान अंसारी, राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगाड़ी के राजधानी रांची के सरकारी आवास और पैतृक आवास पर छापेमारी की।छापेमारी में क्या मिला इसका खुलासा CID ने तो नहीं किया लेकिन सूत्रों का कहना है कि राजेश के आवास से जमीन के कई कागजात बरामद किए गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार बंगाल CID की चार सदस्यीय टीम 12:30 बजे जामताड़ा में इरफान अंसारी के आवास में घुसी। तीन घंटे तक चली कार्रवाई में टीम ने कई दस्तावेज खंगाले और सीसीटीवी फुटेज की जांच की।बरहाल टीम ने कोई भी दस्तावेज और अन्य सामान जब्त नहीं किया। इस दौरान आलमीरा को खोलने के लिए मधुपुर से चाबी मंगवाई गई और जांच की गई।नामकुम में जब राजेश कच्छप के घर टीम पहुंची तो घर में कोई नहीं था। राजेश की मां के धान रोपनी कर लौटने के बाद टीम घर में घुसी।रात नौ बजे तक चली कार्रवाई में टीम ने मोबाइल, एटीएम, क्रेडिट कार्ड समेत दो जमीन के दस्तावेज जब्त किए।
कैश कांड मामले में गिरफ्तार खिजरी विधायक राजेश कच्छप के पिता जगरनाथ कच्छप को रविवार रात गंभीर हालत में आर्किड अस्पताल में भर्ती कराया गया है।राजेश की पत्नी रिया तिर्की ने बताया कि देर रात लगभग साढ़े दस बजे तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया,जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उन्हें ब्रेन हेमरेज और पैरालिसिस हो गया है। रविवार रात विधायक के नामकुम के रामपुर लुपुंग टोली स्थित आवास पर बंगाल CID की टीम की चल रही छापेमारी के दौरान जब वे अपने घर पहुंची तो टीम ने उनसे भी पूछताछ की और मंगलवार सुबह नौ बजे जगरनाथपुर स्थित सरकारी आवास पर बुलाया।
बेरमो विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह ने सोमवार को खुद की ओर से दर्ज रिपोर्ट के समर्थन में बंगाल CID में बयान दर्ज कराया।अनूप ने बताया कि इरफान ने उन्हें 10 करोड़ का लालच दिया था। इस संबंध में उन्होंने पार्टी आलाकमान को जानकारी दी थी।आपको बता दें कि लगभग चार घंटे तक CID ने अनूप का बयान दर्ज किया। अब CID कोर्ट में 164 के तहत उनका बयान दर्ज कराने की तैयारी में है।
असम के कारोबारी और बड़े भाजपा नेता के करीबी अशोक कुमार धानुका ने सोमवार को अधिवक्ता के जरिए अपना पक्ष रखा।बंगाल CID ने रविवार को अशोक के गुवाहाटी स्थित आवास पर जाकर नोटिस दिया था। जानकारी के मुताबिक, अशोक के कहने पर ही कोलकाता के शेयर ट्रेडर महेंद्र अग्रवाल ने तीनों विधायकों को पैसे दिए थे।





