रांची।भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य मिशिर बेसरा से जुड़े आठ माओवादियों ने बुधवार को यहां सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर दिया।पुलिस ने बताया कि झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारियों के सामने सरेंडर करने वाली तीन महिलाओं सहित प्रतिबंधित संगठन के सभी सदस्यों की उम्र 18 से 22 साल के बीच है।





आईजी (ऑपरेशन) अमोल वी होमकर ने बताया कि ये सभी कई मामलों में वांछित हैं और राज्य सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण नीति के साथ संयुक्त सुरक्षा बलों के दंपत्ति द्वारा निरंतर अभियान ने उन्हें सरेंडर करने के लिए प्रेरित किया। मिशिर बेसरा उर्फ सागर के सिर पर एक करोड़ रुपए का इनाम है।





आईजी ने बताया कि झारखंड पुलिस और केंद्रीय बल झारखंड से नक्सलियों का सफाया करने का प्रयास कर रहे हैं। 4 जनवरी झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के लिए महत्वपूर्ण है,क्योंकि आठ माओवादियों ने सरेंडर कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरेंडर करने वालों नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में लाने की सरकारी योजना के तहत उनके पुनर्वास की सुविधा दी जाएगी और नीति के तहत व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।





पुलिस ने बताया सरेंडर करने वाले नक्सलियों में सरायकेला-खरसावां जिले के रायजामा निवासी 20 वर्षीय सरिता उर्फ मुंगली उर्फ सरिता सरदार उर्फ सनिता शामिल है।उसके खिलाफ छह मामले दर्ज हैं।21 वर्षीय सोमवारी कुमारी उर्फ टोनी उर्फ सोनारी मुंडा, हथियार छोड़ने वाली एक अन्य महिला नक्सली और रांची के तामार की रहने वाली है।उसके खिलाफ दो मामले दर्ज हैं। तीसरी जिसे संजू पूर्ति उर्फ रोशनी पूर्ति (19) नाम से जाना जाता है, वह पश्चिमी सिंहभूम के चिरियाबेरा की रहने वाली है। 21 वर्षीय जयराम बोदरा, 21 वर्षीय मरतम अंगारिया, 18 वर्षीय तुंगीर पूर्ति,18 वर्षीय पातर कोड़ा और 22 वर्षीय कुसु सिरका शामिल हैं।