रांची।राजस्थान के उदयपुर में भारतीय जनता पार्टी की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान का समर्थन करने वाले कन्हैया लाल साहू की हत्या के बाद झारखंड के सभी जिलों को अलर्ट पर रखा गया है।झारखंड पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में सभी जिलों के एसपी और जोनल डीआईजी को पत्र भेजा है।आशंका जताई जा रही है कि कन्हैया लाल की हत्या के विरोध में हिंदूवादी संगठन प्रदर्शन कर सकते हैं।किसी तरह का विरोध प्रदर्शन हो तो माहौल न बिगड़े, इसे लेकर जिलों के एसपी को कार्रवाई का आदेश दिया गया है।





इस दौरान सोशल मीडिया पर भी नजर रखने का निर्देश जिलों के एसपी को दिया गया है।निर्देश में कहा गया है कि पूर्व से सांप्रदायिक गतिविधियों में शामिल रहे लोगों पर नजर रखी जाए।निषेधात्मक कार्रवाई का निर्देश भी दिया गया है।





मिली जानकारी के‌ अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को कन्हैयालाल के परिजनों,भाई व बच्चों से टेलीफोन पर बातचीत की।परिजनों से घटना की जानकारी ली और उन्हें ढांढस बंधाते हुए कहा कि पूरा देश आपके परिवार के साथ है।पूर्व सीएम दास ने आर्थिक सहायता भी कन्हैया लाल के परिजनों को भेज दी है।





पूर्व सीएम दास ने कहा कि तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति के कारण राजस्थान में तालिबानी संस्कृति तेजी से पनप रही है।इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद राजस्थान के मुख्यमंत्री का बयान बहुत ही शर्मनाक है। यह दर्शाता है कि कैसे पूरी कांग्रेस जिहादी मानसिकता वालों के सामने नतमस्तक है।





कन्हैया लाल के परिजनों को एक करोड़ रुपए और एक को सरकारी नौकरी देने की राजस्थान सरकार से मांग रघुवर ने की। उन्होंने कहा कि दोषियों को ऐसी सजा मिले जो जिहादी मानसिकता वालों के लिए एक सबक हो और भारत में ऐसी हिमाकत कोई दोबारा न करे।