रांची।देश में कोयले की किल्लत से बिजली उत्पादन में आई कमी का असर झारखंड में बुधवार को दिन में बरकरार रहा।राज्य में सुबह से शाम के दौरान मांग और आपूर्ति में करीब 200 मेगावाट का अंतर होने की वजह से शहरों में दो घंटे तक और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग चार घंटे की कटौती करनी पड़ी।बैरहाल शाम पांच बजे के बाद राज्य को मांग के बराबर 1290 मेगावाट बिजली मिलने लगी। राज्य को सिकिदिरी हाइडल पावर की दोनों यूनिटों से 110 मेगावाट बिजली मिली। इसी प्रकार कैपटिव पावर प्लांट से 23 मेगावाट, इनलैंड पावर से 52 मेगावाट और टीवीएनएल की एक यूनिट से 165 मेगावाट बिजली मिल सकी। शेष बिजली 653 मेगावाट राज्य ने सेंट्रल पुल से खरीदी। झारखंड बिजली वितरण निगम को इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से भी महंगी दर पर बिजली खरीद कर शाम के वक्त राज्य में लोड शेडिंग बंद कराने में सफलता मिल गई।
सूबे में अचानक बिजली की मांग में हुई बढ़ोतरी के कारण लोड शेडिंग की नौबत बन जा रही है। राज्य में मांग के बराबर बिजली का उत्पादन नहीं हो पाता है, इसलिए राज्य को अतिरिक्त बिजली के लिए राष्ट्रीय ग्रिड या इंडियन एनर्जी एक्सचेंज पर निर्भर रहना पड़ता है।अचानक बिजली की मांग बढ़ने की हालत में झारखंड को अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ती है। इस प्रक्रिया को पूरा करने और बिजली मिलने में लगने वाले समय के दौरान राज्य में लोड शेडिंग होने लगती है। हालांकि राज्य में पिछले दो दिनों से बिजली आपूर्ति में सुधार देखा जा रहा है।





