प्रतिनिधि, चौपारण। चौपारण(हजारीबाग) प्रखंड अंतर्गत बसरिया में 1981 से संचालित डॉ बसंत नारायण सिंह +2 उच्च विद्यालय बसरिया में वित्त रहित संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान में वित्त रहित शिक्षा विरोध प्रदर्शन करते हुए वित्त रहित का विद्यालय परिसर में पुतला दहन करते जोरदार विरोध किया।विद्यालय में बच्चों के साथ साथ सभी शिक्षकों द्वारा वित्त रहित नही चलेगा बंद करो बंद करो के नारो से विद्यालय गूंज उठा। शिक्षकों ने दिनभर शैक्षणिक हड़ताल कर विरोध किया।
वित्त रहित शिक्षा नीति विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते विद्यालय के प्रभारी जाबिर अंसारी ने कहा कि झारखंड के ऊपर वित्त रहित शिक्षा नीति झारखंड के माथे पर कलंक है। इसे सरकार को बंद करना चाहिए।हमारी मांगे है कि 1 वित्त रहित स्कूल / कॉलेज का अधिग्रहण किया जाए या तत्काल घाटा अनुदान दिया जाए।
02. वित्त रहित शिक्षक कर्मचारी को राज्य कर्मी का दर्जा दिया जाए।
03.महंगाई को देखते हुए अनुदान की राशि वित्तीय वर्ष 2023-24 से चौगुना किया जाए ।
04. वित रहित स्कूल / कॉलेज के सभी लंबित अनुदान दीपावली /छठ के पूर्व स्वीकृत कर शिक्षक कर्मचारियों को दिया जाए।
05.स्कूलों के वित्तीय वर्ष 2020-21 का अनुदान स्वीकृत कर संस्थाओं को दिया जाए ।
06.अनुदान की राशि सीधे शिक्षक कर्मचारियों के खाते में भेजा जाए।
07.सेवा शर्त नियमावली बनाई जाए 08.सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष किया जाए।
09. अन्य सभी लंबित मांगों को पूरा किया जाए।
मौके पर शिक्षक अशोक रजक, संदीप कुमार सिंह, रंजन केशरी, अनिल देव रजक, संजीत कुमार शिक्षिका सिमा कुमारी चाँद कुमार चंदन राणा विनोद केशरी व अन्य उपस्थित रहे।





